10 जनवरी 2028 को सिडनी का पंचांग

सोमवार, 10 जनवरी 2028, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

सोमवार, 10 जनवरी 2028 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (21:06 तक), नक्षत्र रोहिणी (07:36 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 20:09 पर है। राहुकाल 07:41 से 09:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 20:09
रात 05:55 तक
तिथि
त्रयोदशी, 21:06 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 05:45 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 21:06 तक
शुक्ल चतुर्दशी 18:16, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 07:36 तक
मृगशिरा 05:45, 11 जन॰ तक
आर्द्रा 03:27, 12 जन॰ तक
योग
शुक्ल 10:26 तक
ब्रह्म 07:06, 11 जन॰ तक
करण
कौलव 10:21 तक
तैतिल 21:06 तक
गर 07:44, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 18:44 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
20:09
चंद्रोदय
18:30
चंद्रास्त
03:14
दिनमान
14h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:15
अभिजीत मुहूर्त
12:33 – 13:30

अशुभ समय

राहुकाल
07:41 – 09:28
यमगंड
11:15 – 13:02
गुलिक काल
14:49 – 16:36

10 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:54 – 07:41शुभ
काल07:41 – 09:28टालें
शुभ09:28 – 11:15शुभ
रोग11:15 – 13:02टालें
उद्वेग13:02 – 14:49टालें
चर14:49 – 16:36सामान्य
लाभ16:36 – 18:22शुभ
अमृत18:22 – 20:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर20:09 – 21:23सामान्य
रोग21:23 – 22:36टालें
काल22:36 – 23:49टालें
लाभ23:49 – 01:02शुभ
उद्वेग01:02 – 02:15टालें
शुभ02:15 – 03:28शुभ
अमृत03:28 – 04:42शुभ
चर04:42 – 05:55सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5407:05दिन
शनि07:0508:17दिन
गुरु08:1709:28दिन
मंगल09:2810:39दिन
सूर्य10:3911:50दिन
शुक्र11:5013:02दिन
बुध13:0214:13दिन
चंद्र14:1315:24दिन
शनि15:2416:36दिन
गुरु16:3617:47दिन
मंगल17:4718:58दिन
सूर्य18:5820:09दिन
शुक्र20:0920:58रात
बुध20:5821:47रात
चंद्र21:4722:36रात
शनि22:3623:25रात
गुरु23:2500:13रात
मंगल00:1301:02रात
सूर्य01:0201:51रात
शुक्र01:5102:40रात
बुध02:4003:28रात
चंद्र03:2804:17रात
शनि04:1705:06रात
गुरु05:0605:55रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
31 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।