11 जनवरी 2029 को सिडनी का पंचांग

गुरुवार, 11 जनवरी 2029, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

गुरुवार, 11 जनवरी 2029 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (06:26 तक), नक्षत्र अनुराधा (20:40 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 20:09 पर है। राहुकाल 14:49 से 16:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 20:09
रात 05:56 तक
तिथि
द्वादशी, 05:20 तक
नक्षत्र
अनुराधा, 20:40 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 जनवरी 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 06:26 तक
कृष्ण द्वादशी 05:20, 12 जन॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 04:36, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 20:26, 12 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 19:49 तक
वृद्धि 17:53, 12 जन॰ तक
करण
बालव 06:26 तक
कौलव 17:51 तक
तैतिल 05:20, 12 जन॰ तक
गर 16:56, 12 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
20:09
चंद्रोदय
02:15
चंद्रास्त
17:09
दिनमान
14h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:16
अभिजीत मुहूर्त
12:34 – 13:31

अशुभ समय

राहुकाल
14:49 – 16:36
यमगंड
05:56 – 07:42
गुलिक काल
09:29 – 11:16

11 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:56 – 07:42शुभ
रोग07:42 – 09:29टालें
उद्वेग09:29 – 11:16टालें
चर11:16 – 13:02सामान्य
लाभ13:02 – 14:49शुभ
अमृत14:49 – 16:36शुभ
काल16:36 – 18:23टालें
शुभ18:23 – 20:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत20:09 – 21:23शुभ
चर21:23 – 22:36सामान्य
रोग22:36 – 23:49टालें
काल23:49 – 01:03टालें
लाभ01:03 – 02:16शुभ
उद्वेग02:16 – 03:30टालें
शुभ03:30 – 04:43शुभ
अमृत04:43 – 05:56शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5607:07दिन
मंगल07:0708:18दिन
सूर्य08:1809:29दिन
शुक्र09:2910:40दिन
बुध10:4011:51दिन
चंद्र11:5113:02दिन
शनि13:0214:14दिन
गुरु14:1415:25दिन
मंगल15:2516:36दिन
सूर्य16:3617:47दिन
शुक्र17:4718:58दिन
बुध18:5820:09दिन
चंद्र20:0920:58रात
शनि20:5821:47रात
गुरु21:4722:36रात
मंगल22:3623:25रात
सूर्य23:2500:14रात
शुक्र00:1401:03रात
बुध01:0301:52रात
चंद्र01:5202:41रात
शनि02:4103:30रात
गुरु03:3004:19रात
मंगल04:1905:08रात
सूर्य05:0805:56रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
9 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2626° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।