8 अक्टूबर 2029 को सिडनी का पंचांग

सोमवार, 8 अक्टूबर 2029, सिडनी, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Sydney में है।

सोमवार, 8 अक्टूबर 2029 को सिडनी में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (02:25, 9 अक्टू॰ तक), नक्षत्र हस्त (10:39 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 19:02 पर है। राहुकाल 07:58 से 09:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 19:02
रात 06:21 तक
तिथि
प्रतिपदा, 02:25 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 10:39 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 02:25, 9 अक्टू॰ तक
शुक्ल द्वितीया 22:40, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 10:39 तक
चित्रा 07:37, 9 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 14:32 तक
वैधृतिअशुभ 10:14, 9 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 16:20 तक
बव 02:25, 9 अक्टू॰ तक
बालव 12:32, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 21:08 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
19:02
चंद्रोदय
06:07
चंद्रास्त
19:41
दिनमान
12h 40m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:08

अशुभ समय

राहुकाल
07:58 – 09:33
यमगंड
11:08 – 12:43
गुलिक काल
14:18 – 15:52

8 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:23 – 07:58शुभ
काल07:58 – 09:33टालें
शुभ09:33 – 11:08शुभ
रोग11:08 – 12:43टालें
उद्वेग12:43 – 14:18टालें
चर14:18 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:27शुभ
अमृत17:27 – 19:02शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:02 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:17टालें
लाभ23:17 – 00:42शुभ
उद्वेग00:42 – 02:07टालें
शुभ02:07 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 04:56शुभ
चर04:56 – 06:21सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2307:26दिन
शनि07:2608:29दिन
गुरु08:2909:33दिन
मंगल09:3310:36दिन
सूर्य10:3611:39दिन
शुक्र11:3912:43दिन
बुध12:4313:46दिन
चंद्र13:4614:49दिन
शनि14:4915:52दिन
गुरु15:5216:56दिन
मंगल16:5617:59दिन
सूर्य17:5919:02दिन
शुक्र19:0219:59रात
बुध19:5920:56रात
चंद्र20:5621:52रात
शनि21:5222:49रात
गुरु22:4923:45रात
मंगल23:4500:42रात
सूर्य00:4201:38रात
शुक्र01:3802:35रात
बुध02:3503:32रात
चंद्र03:3204:28रात
शनि04:2805:25रात
गुरु05:2506:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां सिडनी में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2729° (लाहिड़ी)। समय सिडनी (Australia/Sydney) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।