11 मार्च 2025 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 11 मार्च 2025, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 11 मार्च 2025 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (23:42 तक), नक्षत्र आश्लेषा (16:45 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:36 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 16:23 से 17:51 तक है।

दिन और रात
दिन 07:36 – 19:19
रात 07:34 तक
तिथि
त्रयोदशी, 23:42 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 16:45 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 23:42 तक
शुक्ल चतुर्दशी 01:06, 13 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 18:35, 12 मार्च तक
योग
सुकर्मा 03:30, 12 मार्च तक
धृति 03:32, 13 मार्च तक
करण
कौलव 11:09 तक
तैतिल 23:42 तक
गर 12:21, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 16:45 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:36
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
16:44
चंद्रास्त
06:42
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:57 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
13:04 – 13:51

अशुभ समय

राहुकाल
16:23 – 17:51
यमगंड
10:32 – 11:59
गुलिक काल
13:27 – 14:55

11 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:36 – 09:04टालें
उद्वेग09:04 – 10:32टालें
चर10:32 – 11:59सामान्य
लाभ11:59 – 13:27शुभ
अमृत13:27 – 14:55शुभ
काल14:55 – 16:23टालें
शुभ16:23 – 17:51शुभ
रोग17:51 – 19:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:19 – 20:51टालें
लाभ20:51 – 22:23शुभ
उद्वेग22:23 – 23:54टालें
शुभ23:54 – 01:26शुभ
अमृत01:26 – 02:58शुभ
चर02:58 – 04:30सामान्य
रोग04:30 – 06:02टालें
काल06:02 – 07:34टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:3608:34दिन
सूर्य08:3409:33दिन
शुक्र09:3310:32दिन
बुध10:3211:30दिन
चंद्र11:3012:29दिन
शनि12:2913:27दिन
गुरु13:2714:26दिन
मंगल14:2615:24दिन
सूर्य15:2416:23दिन
शुक्र16:2317:22दिन
बुध17:2218:20दिन
चंद्र18:2019:19दिन
शनि19:1920:20रात
गुरु20:2021:21रात
मंगल21:2122:23रात
सूर्य22:2323:24रात
शुक्र23:2400:25रात
बुध00:2501:26रात
चंद्र01:2602:28रात
शनि02:2803:29रात
गुरु03:2904:30रात
मंगल04:3005:31रात
सूर्य05:3106:33रात
शुक्र06:3307:34रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 मार्च 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 मार्च 2025फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2025मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 मार्च 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 मार्च 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 मार्च 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
28 मार्च 2025चैत्र अमावस्याअमावस्या
1 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।