6 अप्रैल 2025 को टोरंटो का पंचांग

रविवार, 6 अप्रैल 2025, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

रविवार, 6 अप्रैल 2025 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (09:53 तक), नक्षत्र पुष्य (20:54 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 19:50 पर है। राहुकाल 18:13 से 19:50 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 19:50
रात 06:47 तक
तिथि
नवमी, 09:53 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य, 20:54 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल नवमी 09:53 तक
शुक्ल दशमी 10:30, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुष्य 20:54 तक
आश्लेषा 22:25, 7 अप्रैल तक
योग
सुकर्मा 09:25 तक
धृति 08:48, 7 अप्रैल तक
करण
कौलव 09:53 तक
तैतिल 22:07 तक
गर 10:30, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
19:50
चंद्रोदय
13:25
चंद्रास्त
04:18
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:21 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
12:54 – 13:46

अशुभ समय

राहुकाल
18:13 – 19:50
यमगंड
13:20 – 14:57
गुलिक काल
16:35 – 18:13

6 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:49 – 08:27टालें
चर08:27 – 10:04सामान्य
लाभ10:04 – 11:42शुभ
अमृत11:42 – 13:20शुभ
काल13:20 – 14:57टालें
शुभ14:57 – 16:35शुभ
रोग16:35 – 18:13टालें
उद्वेग18:13 – 19:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:50 – 21:12शुभ
अमृत21:12 – 22:34शुभ
चर22:34 – 23:57सामान्य
रोग23:57 – 01:19टालें
काल01:19 – 02:41टालें
लाभ02:41 – 04:03शुभ
उद्वेग04:03 – 05:25टालें
शुभ05:25 – 06:47शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4907:54दिन
शुक्र07:5408:59दिन
बुध08:5910:04दिन
चंद्र10:0411:10दिन
शनि11:1012:15दिन
गुरु12:1513:20दिन
मंगल13:2014:25दिन
सूर्य14:2515:30दिन
शुक्र15:3016:35दिन
बुध16:3517:40दिन
चंद्र17:4018:45दिन
शनि18:4519:50दिन
गुरु19:5020:45रात
मंगल20:4521:40रात
सूर्य21:4022:34रात
शुक्र22:3423:29रात
बुध23:2900:24रात
चंद्र00:2401:19रात
शनि01:1902:14रात
गुरु02:1403:08रात
मंगल03:0804:03रात
सूर्य04:0304:58रात
शुक्र04:5805:53रात
बुध05:5306:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 अप्रैल 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 अप्रैल 2025चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
13 अप्रैल 2025मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
21 अप्रैल 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
23 अप्रैल 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
25 अप्रैल 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
27 अप्रैल 2025वैशाख अमावस्याअमावस्या
30 अप्रैल 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2100° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।