26 सितंबर 2025 को टोरंटो का पंचांग

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (02:34, 27 सित॰ तक), नक्षत्र विशाखा (12:39 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 11:38 से 13:08 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 19:06
रात 07:10 तक
तिथि
पंचमी, 02:34 तक
षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा, 12:39 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 02:34, 27 सित॰ तक
शुक्ल षष्ठी 04:57, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 12:39 तक
अनुराधा 15:38, 27 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:20 तक
प्रीति 14:15, 27 सित॰ तक
करण
बव 13:19 तक
बालव 02:34, 27 सित॰ तक
कौलव 15:47, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
12:12
चंद्रास्त
20:58
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:33 – 06:21
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:32

अशुभ समय

राहुकाल
11:38 – 13:08
यमगंड
16:07 – 17:37
गुलिक काल
08:39 – 10:09

26 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:09 – 08:39सामान्य
लाभ08:39 – 10:09शुभ
अमृत10:09 – 11:38शुभ
काल11:38 – 13:08टालें
शुभ13:08 – 14:37शुभ
रोग14:37 – 16:07टालें
उद्वेग16:07 – 17:37टालें
चर17:37 – 19:06सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:06 – 20:37टालें
काल20:37 – 22:07टालें
लाभ22:07 – 23:38शुभ
उद्वेग23:38 – 01:08टालें
शुभ01:08 – 02:39शुभ
अमृत02:39 – 04:09शुभ
चर04:09 – 05:40सामान्य
रोग05:40 – 07:10टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0908:09दिन
बुध08:0909:09दिन
चंद्र09:0910:09दिन
शनि10:0911:08दिन
गुरु11:0812:08दिन
मंगल12:0813:08दिन
सूर्य13:0814:08दिन
शुक्र14:0815:07दिन
बुध15:0716:07दिन
चंद्र16:0717:07दिन
शनि17:0718:07दिन
गुरु18:0719:06दिन
मंगल19:0620:07रात
सूर्य20:0721:07रात
शुक्र21:0722:07रात
बुध22:0723:08रात
चंद्र23:0800:08रात
शनि00:0801:08रात
गुरु01:0802:09रात
मंगल02:0903:09रात
सूर्य03:0904:09रात
शुक्र04:0905:10रात
बुध05:1006:10रात
चंद्र06:1007:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अक्टू॰ 2025कार्तिक अमावस्याअमावस्या
25 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।