14 जनवरी 2026 को टोरंटो का पंचांग

बुधवार, 14 जनवरी 2026, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

बुधवार, 14 जनवरी 2026 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:47, 15 जन॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (16:33 तक) और योग गंड है। सूर्योदय 07:48 पर और सूर्यास्त 17:05 पर है। राहुकाल 12:26 से 13:36 तक है।

दिन और रात
दिन 07:48 – 17:05
रात 07:47 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
अनुराधा, 16:33 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:47, 15 जन॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 19:17, 15 जन॰ तक
योग
गंडअशुभ 09:25 तक
वृद्धि 10:08, 15 जन॰ तक
करण
कौलव 20:37 तक
तैतिल 09:47, 15 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:48
सूर्यास्त
17:05
चंद्रोदय
04:42
चंद्रास्त
13:10
दिनमान
9h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:50 – 06:49
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:45 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:26 – 13:36
यमगंड
08:57 – 10:07
गुलिक काल
11:17 – 12:26

14 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:48 – 08:57शुभ
अमृत08:57 – 10:07शुभ
काल10:07 – 11:17टालें
शुभ11:17 – 12:26शुभ
रोग12:26 – 13:36टालें
उद्वेग13:36 – 14:46टालें
चर14:46 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:05 – 18:55टालें
शुभ18:55 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:36शुभ
चर22:36 – 00:26सामान्य
रोग00:26 – 02:16टालें
काल02:16 – 04:07टालें
लाभ04:07 – 05:57शुभ
उद्वेग05:57 – 07:47टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:4808:34दिन
चंद्र08:3409:21दिन
शनि09:2110:07दिन
गुरु10:0710:53दिन
मंगल10:5311:40दिन
सूर्य11:4012:26दिन
शुक्र12:2613:13दिन
बुध13:1313:59दिन
चंद्र13:5914:46दिन
शनि14:4615:32दिन
गुरु15:3216:18दिन
मंगल16:1817:05दिन
सूर्य17:0518:18रात
शुक्र18:1819:32रात
बुध19:3220:45रात
चंद्र20:4521:59रात
शनि21:5923:13रात
गुरु23:1300:26रात
मंगल00:2601:40रात
सूर्य01:4002:53रात
शुक्र02:5304:07रात
बुध04:0705:20रात
चंद्र05:2006:34रात
शनि06:3407:47रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2208° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।