5 अक्टूबर 2026 को टोरंटो का पंचांग

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (16:37 तक), नक्षत्र पुष्य (13:39 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 08:46 से 10:12 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 18:51
रात 07:21 तक
तिथि
दशमी, 16:37 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 13:39 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण दशमी 16:37 तक
कृष्ण एकादशी 15:04, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:39 तक
आश्लेषा 12:47, 6 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 21:50 तक
साध्य 19:30, 6 अक्टू॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:37 तक
बव 03:49, 6 अक्टू॰ तक
बालव 15:04, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
01:21
चंद्रास्त
16:34
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:40 – 06:30
अभिजीत मुहूर्त
12:42 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
08:46 – 10:12
यमगंड
11:39 – 13:05
गुलिक काल
14:31 – 15:58

5 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:19 – 08:46शुभ
काल08:46 – 10:12टालें
शुभ10:12 – 11:39शुभ
रोग11:39 – 13:05टालें
उद्वेग13:05 – 14:31टालें
चर14:31 – 15:58सामान्य
लाभ15:58 – 17:24शुभ
अमृत17:24 – 18:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:51 – 20:24सामान्य
रोग20:24 – 21:58टालें
काल21:58 – 23:32टालें
लाभ23:32 – 01:06शुभ
उद्वेग01:06 – 02:39टालें
शुभ02:39 – 04:13शुभ
अमृत04:13 – 05:47शुभ
चर05:47 – 07:21सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1908:17दिन
शनि08:1709:15दिन
गुरु09:1510:12दिन
मंगल10:1211:10दिन
सूर्य11:1012:07दिन
शुक्र12:0713:05दिन
बुध13:0514:03दिन
चंद्र14:0315:00दिन
शनि15:0015:58दिन
गुरु15:5816:55दिन
मंगल16:5517:53दिन
सूर्य17:5318:51दिन
शुक्र18:5119:53रात
बुध19:5320:56रात
चंद्र20:5621:58रात
शनि21:5823:01रात
गुरु23:0100:03रात
मंगल00:0301:06रात
सूर्य01:0602:08रात
शुक्र02:0803:11रात
बुध03:1104:13रात
चंद्र04:1305:16रात
शनि05:1606:18रात
गुरु06:1807:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 अक्टू॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
8 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
10 अक्टू॰ 2026आश्विन अमावस्याअमावस्या
14 अक्टू॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2026तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
21 अक्टू॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।