8 नवंबर 2026 को टोरंटो का पंचांग

रविवार, 8 नवंबर 2026, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

रविवार, 8 नवंबर 2026 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (02:02, 9 नव॰ तक), नक्षत्र स्वाति (20:54 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 15:44 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 16:59
रात 07:03 तक
तिथि
अमावस्या, 02:02 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
स्वाति, 20:54 तक
विशाखा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
अमावस्या 02:02, 9 नव॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 03:30, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 20:54 तक
विशाखा 22:49, 9 नव॰ तक
योग
आयुष्मान 16:33 तक
सौभाग्य 16:27, 9 नव॰ तक
करण
चतुष्पद 13:27 तक
नाग 02:02, 9 नव॰ तक
किंस्तुघ्न 14:43, 9 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
06:31
चंद्रास्त
16:14
दिनमान
9h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:20

अशुभ समय

राहुकाल
15:44 – 16:59
यमगंड
12:01 – 13:15
गुलिक काल
14:30 – 15:44

8 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:02 – 08:17टालें
चर08:17 – 09:31सामान्य
लाभ09:31 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:15टालें
शुभ13:15 – 14:30शुभ
रोग14:30 – 15:44टालें
उद्वेग15:44 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:59 – 18:45शुभ
अमृत18:45 – 20:30शुभ
चर20:30 – 22:16सामान्य
रोग22:16 – 00:01टालें
काल00:01 – 01:47टालें
लाभ01:47 – 03:32शुभ
उद्वेग03:32 – 05:18टालें
शुभ05:18 – 07:03शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0207:52दिन
शुक्र07:5208:42दिन
बुध08:4209:31दिन
चंद्र09:3110:21दिन
शनि10:2111:11दिन
गुरु11:1112:01दिन
मंगल12:0112:50दिन
सूर्य12:5013:40दिन
शुक्र13:4014:30दिन
बुध14:3015:19दिन
चंद्र15:1916:09दिन
शनि16:0916:59दिन
गुरु16:5918:09रात
मंगल18:0919:20रात
सूर्य19:2020:30रात
शुक्र20:3021:40रात
बुध21:4022:51रात
चंद्र22:5100:01रात
शनि00:0101:12रात
गुरु01:1202:22रात
मंगल02:2203:32रात
सूर्य03:3204:43रात
शुक्र04:4305:53रात
बुध05:5307:03रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
13 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2322° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।