3 जनवरी 2027 को टोरंटो का पंचांग

रविवार, 3 जनवरी 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

रविवार, 3 जनवरी 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (07:46, 4 जन॰ तक), नक्षत्र विशाखा (11:07 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 07:51 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 15:45 से 16:53 तक है।

दिन और रात
दिन 07:51 – 16:53
रात 07:51 तक
तिथि
द्वादशी, 07:46 तक
नक्षत्र
विशाखा, 11:07 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 07:46, 4 जन॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 10:10, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 11:07 तक
अनुराधा 13:45, 4 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 01:33, 4 जन॰ तक
गंडअशुभ 02:13, 5 जन॰ तक
करण
कौलव 18:40 तक
तैतिल 07:46, 4 जन॰ तक
गर 20:56, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:51
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
04:28
चंद्रास्त
13:20
दिनमान
9h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:51
अभिजीत मुहूर्त
12:04 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
15:45 – 16:53
यमगंड
12:22 – 13:29
गुलिक काल
14:37 – 15:45

3 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:51 – 08:58टालें
चर08:58 – 10:06सामान्य
लाभ10:06 – 11:14शुभ
अमृत11:14 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:29टालें
शुभ13:29 – 14:37शुभ
रोग14:37 – 15:45टालें
उद्वेग15:45 – 16:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:53 – 18:45शुभ
अमृत18:45 – 20:37शुभ
चर20:37 – 22:29सामान्य
रोग22:29 – 00:22टालें
काल00:22 – 02:14टालें
लाभ02:14 – 04:06शुभ
उद्वेग04:06 – 05:58टालें
शुभ05:58 – 07:51शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:5108:36दिन
शुक्र08:3609:21दिन
बुध09:2110:06दिन
चंद्र10:0610:51दिन
शनि10:5111:36दिन
गुरु11:3612:22दिन
मंगल12:2213:07दिन
सूर्य13:0713:52दिन
शुक्र13:5214:37दिन
बुध14:3715:22दिन
चंद्र15:2216:07दिन
शनि16:0716:53दिन
गुरु16:5318:07रात
मंगल18:0719:22रात
सूर्य19:2220:37रात
शुक्र20:3721:52रात
बुध21:5223:07रात
चंद्र23:0700:22रात
शनि00:2201:36रात
गुरु01:3602:51रात
मंगल02:5104:06रात
सूर्य04:0605:21रात
शुक्र05:2106:36रात
बुध06:3607:51रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 जन॰ 2027पौष अमावस्याअमावस्या
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2343° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।