10 जनवरी 2027 को टोरंटो का पंचांग

रविवार, 10 जनवरी 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

रविवार, 10 जनवरी 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (22:58 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (07:23, 11 जन॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 07:50 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 15:51 से 17:00 तक है।

दिन और रात
दिन 07:50 – 17:00
रात 07:49 तक
तिथि
तृतीया, 22:58 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 07:23 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 22:58 तक
शुक्ल चतुर्थी 00:59, 12 जन॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 07:23, 11 जन॰ तक
शतभिषा 09:44, 12 जन॰ तक
योग
सिद्धि 07:08, 11 जन॰ तक
व्यतीपातअशुभ 07:27, 12 जन॰ तक
करण
तैतिल 09:50 तक
गर 22:58 तक
वणिज 12:02, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 18:05 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:50
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
09:26
चंद्रास्त
19:54
दिनमान
9h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:50
अभिजीत मुहूर्त
12:06 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
15:51 – 17:00
यमगंड
12:25 – 13:33
गुलिक काल
14:42 – 15:51

10 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:50 – 08:58टालें
चर08:58 – 10:07सामान्य
लाभ10:07 – 11:16शुभ
अमृत11:16 – 12:25शुभ
काल12:25 – 13:33टालें
शुभ13:33 – 14:42शुभ
रोग14:42 – 15:51टालें
उद्वेग15:51 – 17:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:00 – 18:51शुभ
अमृत18:51 – 20:42शुभ
चर20:42 – 22:33सामान्य
रोग22:33 – 00:25टालें
काल00:25 – 02:16टालें
लाभ02:16 – 04:07शुभ
उद्वेग04:07 – 05:58टालें
शुभ05:58 – 07:49शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:5008:35दिन
शुक्र08:3509:21दिन
बुध09:2110:07दिन
चंद्र10:0710:53दिन
शनि10:5311:39दिन
गुरु11:3912:25दिन
मंगल12:2513:11दिन
सूर्य13:1113:56दिन
शुक्र13:5614:42दिन
बुध14:4215:28दिन
चंद्र15:2816:14दिन
शनि16:1417:00दिन
गुरु17:0018:14रात
मंगल18:1419:28रात
सूर्य19:2820:42रात
शुक्र20:4221:56रात
बुध21:5623:10रात
चंद्र23:1000:25रात
शनि00:2501:39रात
गुरु01:3902:53रात
मंगल02:5304:07रात
सूर्य04:0705:21रात
शुक्र05:2106:35रात
बुध06:3507:49रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 जन॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 जन॰ 2027मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2346° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।