18 जनवरी 2027 को टोरंटो का पंचांग

सोमवार, 18 जनवरी 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

सोमवार, 18 जनवरी 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (21:19 तक), नक्षत्र कृत्तिका (10:35 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:46 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 08:56 से 10:07 तक है।

दिन और रात
दिन 07:46 – 17:09
रात 07:45 तक
तिथि
एकादशी, 21:19 तक
द्वादशी
नक्षत्र
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 21:19 तक
शुक्ल द्वादशी 18:11, 19 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:24, 19 जन॰ तक
योग
शुक्ल 19:43 तक
ब्रह्म 15:57, 19 जन॰ तक
करण
वणिज 10:43 तक
विष्टि (भद्रा) 21:19 तक
बव 07:49, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:46
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
12:45
चंद्रास्त
04:00
दिनमान
9h 24m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
08:56 – 10:07
यमगंड
11:17 – 12:28
गुलिक काल
13:38 – 14:49

18 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:46 – 08:56शुभ
काल08:56 – 10:07टालें
शुभ10:07 – 11:17शुभ
रोग11:17 – 12:28टालें
उद्वेग12:28 – 13:38टालें
चर13:38 – 14:49सामान्य
लाभ14:49 – 15:59शुभ
अमृत15:59 – 17:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:09 – 18:59सामान्य
रोग18:59 – 20:48टालें
काल20:48 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:27शुभ
उद्वेग00:27 – 02:17टालें
शुभ02:17 – 04:06शुभ
अमृत04:06 – 05:56शुभ
चर05:56 – 07:45सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:4608:33दिन
शनि08:3309:20दिन
गुरु09:2010:07दिन
मंगल10:0710:54दिन
सूर्य10:5411:41दिन
शुक्र11:4112:28दिन
बुध12:2813:15दिन
चंद्र13:1514:02दिन
शनि14:0214:49दिन
गुरु14:4915:35दिन
मंगल15:3516:22दिन
सूर्य16:2217:09दिन
शुक्र17:0918:22रात
बुध18:2219:35रात
चंद्र19:3520:48रात
शनि20:4822:01रात
गुरु22:0123:14रात
मंगल23:1400:27रात
सूर्य00:2701:40रात
शुक्र01:4002:53रात
बुध02:5304:06रात
चंद्र04:0605:19रात
शनि05:1906:32रात
गुरु06:3207:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
12 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2349° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।