19 जनवरी 2027 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 19 जनवरी 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 19 जनवरी 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (18:11 तक), नक्षत्र रोहिणी (08:24 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 07:45 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 14:49 से 16:00 तक है।

दिन और रात
दिन 07:45 – 17:11
रात 07:45 तक
तिथि
द्वादशी, 18:11 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
मृगशिरा, 05:47 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 जनवरी 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 18:11 तक
शुक्ल त्रयोदशी 14:42, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:24 तक
मृगशिरा 05:47, 20 जन॰ तक
आर्द्रा 02:54, 21 जन॰ तक
योग
ब्रह्म 15:57 तक
इंद्र 11:53, 20 जन॰ तक
करण
बव 07:49 तक
बालव 18:11 तक
कौलव 04:29, 20 जन॰ तक
तैतिल 14:42, 20 जन॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 19:08 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:45
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
13:41
चंद्रास्त
05:15
दिनमान
9h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:48 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
14:49 – 16:00
यमगंड
10:07 – 11:17
गुलिक काल
12:28 – 13:39

19 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:45 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:17सामान्य
लाभ11:17 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 13:39शुभ
काल13:39 – 14:49टालें
शुभ14:49 – 16:00शुभ
रोग16:00 – 17:11टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:11 – 19:00टालें
लाभ19:00 – 20:49शुभ
उद्वेग20:49 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:28शुभ
अमृत00:28 – 02:17शुभ
चर02:17 – 04:06सामान्य
रोग04:06 – 05:55टालें
काल05:55 – 07:45टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:4508:32दिन
सूर्य08:3209:19दिन
शुक्र09:1910:07दिन
बुध10:0710:54दिन
चंद्र10:5411:41दिन
शनि11:4112:28दिन
गुरु12:2813:15दिन
मंगल13:1514:02दिन
सूर्य14:0214:49दिन
शुक्र14:4915:36दिन
बुध15:3616:24दिन
चंद्र16:2417:11दिन
शनि17:1118:24रात
गुरु18:2419:36रात
मंगल19:3620:49रात
सूर्य20:4922:02रात
शुक्र22:0223:15रात
बुध23:1500:28रात
चंद्र00:2801:40रात
शनि01:4002:53रात
गुरु02:5304:06रात
मंगल04:0605:19रात
सूर्य05:1906:32रात
शुक्र06:3207:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 जन॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
12 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
16 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2349° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।