19 मार्च 2027 को टोरंटो का पंचांग

शुक्रवार, 19 मार्च 2027, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शुक्रवार, 19 मार्च 2027 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (13:47 तक), नक्षत्र आश्लेषा (16:01 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:22 पर और सूर्यास्त 19:28 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:25 तक है।

दिन और रात
दिन 07:22 – 19:28
रात 07:21 तक
तिथि
द्वादशी, 13:47 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 16:01 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 13:47 तक
शुक्ल त्रयोदशी 11:15, 20 मार्च तक
नक्षत्र
मघा 14:14, 20 मार्च तक
योग
सुकर्मा 13:49 तक
धृति 10:35, 20 मार्च तक
करण
बालव 13:47 तक
कौलव 00:31, 20 मार्च तक
तैतिल 11:15, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 16:01 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:22
सूर्यास्त
19:28
चंद्रोदय
16:25
चंद्रास्त
05:53
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:47 – 06:35
अभिजीत मुहूर्त
13:01 – 13:49

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:25
यमगंड
16:27 – 17:57
गुलिक काल
08:53 – 10:24

19 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:22 – 08:53सामान्य
लाभ08:53 – 10:24शुभ
अमृत10:24 – 11:54शुभ
काल11:54 – 13:25टालें
शुभ13:25 – 14:56शुभ
रोग14:56 – 16:27टालें
उद्वेग16:27 – 17:57टालें
चर17:57 – 19:28सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:28 – 20:57टालें
काल20:57 – 22:26टालें
लाभ22:26 – 23:55शुभ
उद्वेग23:55 – 01:24टालें
शुभ01:24 – 02:53शुभ
अमृत02:53 – 04:22शुभ
चर04:22 – 05:51सामान्य
रोग05:51 – 07:21टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:2208:23दिन
बुध08:2309:23दिन
चंद्र09:2310:24दिन
शनि10:2411:24दिन
गुरु11:2412:25दिन
मंगल12:2513:25दिन
सूर्य13:2514:26दिन
शुक्र14:2615:26दिन
बुध15:2616:27दिन
चंद्र16:2717:27दिन
शनि17:2718:28दिन
गुरु18:2819:28दिन
मंगल19:2820:27रात
सूर्य20:2721:27रात
शुक्र21:2722:26रात
बुध22:2623:26रात
चंद्र23:2600:25रात
शनि00:2501:24रात
गुरु01:2402:24रात
मंगल02:2403:23रात
सूर्य03:2304:22रात
शुक्र04:2205:22रात
बुध05:2206:21रात
चंद्र06:2107:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 मार्च 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 मार्च 2027फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
25 मार्च 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 मार्च 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 अप्रैल 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 अप्रैल 2027चैत्र अमावस्याअमावस्या
10 अप्रैल 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।