18 जनवरी 2028 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 18 जनवरी 2028, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 18 जनवरी 2028 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (01:59, 19 जन॰ तक), नक्षत्र चित्रा (19:13 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:46 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 14:48 से 15:59 तक है।

दिन और रात
दिन 07:46 – 17:09
रात 07:45 तक
तिथि
अष्टमी, 01:59 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा, 19:13 तक
स्वाति
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 जनवरी 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 01:59, 19 जन॰ तक
कृष्ण नवमी 01:34, 20 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 19:13 तक
स्वाति 19:14, 19 जन॰ तक
योग
धृति 04:54, 19 जन॰ तक
शूलअशुभ 03:25, 20 जन॰ तक
करण
बालव 14:26 तक
कौलव 01:59, 19 जन॰ तक
तैतिल 13:42, 19 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:46
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
00:26
चंद्रास्त
10:56
दिनमान
9h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:49 – 06:47
अभिजीत मुहूर्त
12:09 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
14:48 – 15:59
यमगंड
10:07 – 11:17
गुलिक काल
12:28 – 13:38

18 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:46 – 08:56टालें
उद्वेग08:56 – 10:07टालें
चर10:07 – 11:17सामान्य
लाभ11:17 – 12:28शुभ
अमृत12:28 – 13:38शुभ
काल13:38 – 14:48टालें
शुभ14:48 – 15:59शुभ
रोग15:59 – 17:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:09 – 18:59टालें
लाभ18:59 – 20:48शुभ
उद्वेग20:48 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:27शुभ
अमृत00:27 – 02:17शुभ
चर02:17 – 04:06सामान्य
रोग04:06 – 05:56टालें
काल05:56 – 07:45टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:4608:33दिन
सूर्य08:3309:20दिन
शुक्र09:2010:07दिन
बुध10:0710:54दिन
चंद्र10:5411:41दिन
शनि11:4112:28दिन
गुरु12:2813:14दिन
मंगल13:1414:01दिन
सूर्य14:0114:48दिन
शुक्र14:4815:35दिन
बुध15:3516:22दिन
चंद्र16:2217:09दिन
शनि17:0918:22रात
गुरु18:2219:35रात
मंगल19:3520:48रात
सूर्य20:4822:01रात
शुक्र22:0123:14रात
बुध23:1400:27रात
चंद्र00:2701:40रात
शनि01:4002:53रात
गुरु02:5304:06रात
मंगल04:0605:19रात
सूर्य05:1906:32रात
शुक्र06:3207:45रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2489° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।