14 मार्च 2028 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 14 मार्च 2028, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 14 मार्च 2028 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (08:53 तक), नक्षत्र स्वाति (11:56 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:30 पर और सूर्यास्त 19:23 पर है। राहुकाल 16:25 से 17:54 तक है।

दिन और रात
दिन 07:30 – 19:23
रात 07:28 तक
तिथि
पंचमी, 07:22 तक
नक्षत्र
स्वाति, 11:56 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 मार्च 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 08:53 तक
कृष्ण पंचमी 07:22, 15 मार्च तक
कृष्ण षष्ठी 06:42, 16 मार्च तक
नक्षत्र
स्वाति 11:56 तक
विशाखा 11:15, 15 मार्च तक
योग
व्याघातअशुभ 16:45 तक
हर्षण 14:36, 15 मार्च तक
करण
बालव 08:53 तक
कौलव 20:01 तक
तैतिल 07:22, 15 मार्च तक
गर 18:55, 15 मार्च तक
चंद्र राशि
तुला 05:20, 15 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:30
सूर्यास्त
19:23
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
08:56
दिनमान
11h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:53 – 06:41
अभिजीत मुहूर्त
13:03 – 13:50

अशुभ समय

राहुकाल
16:25 – 17:54
यमगंड
10:28 – 11:57
गुलिक काल
13:26 – 14:55

14 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:30 – 08:59टालें
उद्वेग08:59 – 10:28टालें
चर10:28 – 11:57सामान्य
लाभ11:57 – 13:26शुभ
अमृत13:26 – 14:55शुभ
काल14:55 – 16:25टालें
शुभ16:25 – 17:54शुभ
रोग17:54 – 19:23टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:23 – 20:53टालें
लाभ20:53 – 22:24शुभ
उद्वेग22:24 – 23:55टालें
शुभ23:55 – 01:25शुभ
अमृत01:25 – 02:56शुभ
चर02:56 – 04:27सामान्य
रोग04:27 – 05:57टालें
काल05:57 – 07:28टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:3008:29दिन
सूर्य08:2909:29दिन
शुक्र09:2910:28दिन
बुध10:2811:28दिन
चंद्र11:2812:27दिन
शनि12:2713:26दिन
गुरु13:2614:26दिन
मंगल14:2615:25दिन
सूर्य15:2516:25दिन
शुक्र16:2517:24दिन
बुध17:2418:23दिन
चंद्र18:2319:23दिन
शनि19:2320:23रात
गुरु20:2321:24रात
मंगल21:2422:24रात
सूर्य22:2423:25रात
शुक्र23:2500:25रात
बुध00:2501:25रात
चंद्र01:2502:26रात
शनि02:2603:26रात
गुरु03:2604:27रात
मंगल04:2705:27रात
सूर्य05:2706:28रात
शुक्र06:2807:28रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
17 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2510° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।