25 अगस्त 2028 को टोरंटो का पंचांग

शुक्रवार, 25 अगस्त 2028, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

शुक्रवार, 25 अगस्त 2028 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (11:30 तक), नक्षत्र स्वाति (10:19 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:34 पर और सूर्यास्त 20:03 पर है। राहुकाल 11:37 से 13:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:34 – 20:03
रात 06:35 तक
तिथि
षष्ठी, 11:30 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 10:19 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अगस्त 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 11:30 तक
शुक्ल सप्तमी 10:03, 26 अग॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 10:19 तक
विशाखा 09:35, 26 अग॰ तक
योग
ब्रह्म 17:53 तक
इंद्र 15:48, 26 अग॰ तक
करण
तैतिल 11:30 तक
गर 22:41 तक
वणिज 10:03, 26 अग॰ तक
चंद्र राशि
तुला 03:42, 26 अग॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:34
सूर्यास्त
20:03
चंद्रोदय
13:15
चंद्रास्त
22:34
दिनमान
13h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:52 – 13:46

अशुभ समय

राहुकाल
11:37 – 13:19
यमगंड
16:41 – 18:22
गुलिक काल
08:15 – 09:56

25 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:34 – 08:15सामान्य
लाभ08:15 – 09:56शुभ
अमृत09:56 – 11:37शुभ
काल11:37 – 13:19टालें
शुभ13:19 – 15:00शुभ
रोग15:00 – 16:41टालें
उद्वेग16:41 – 18:22टालें
चर18:22 – 20:03सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग20:03 – 21:22टालें
काल21:22 – 22:41टालें
लाभ22:41 – 00:00शुभ
उद्वेग00:00 – 01:19टालें
शुभ01:19 – 02:38शुभ
अमृत02:38 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:16सामान्य
रोग05:16 – 06:35टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3407:41दिन
बुध07:4108:49दिन
चंद्र08:4909:56दिन
शनि09:5611:04दिन
गुरु11:0412:11दिन
मंगल12:1113:19दिन
सूर्य13:1914:26दिन
शुक्र14:2615:34दिन
बुध15:3416:41दिन
चंद्र16:4117:49दिन
शनि17:4918:56दिन
गुरु18:5620:03दिन
मंगल20:0320:56रात
सूर्य20:5621:49रात
शुक्र21:4922:41रात
बुध22:4123:34रात
चंद्र23:3400:26रात
शनि00:2601:19रात
गुरु01:1902:12रात
मंगल02:1203:04रात
सूर्य03:0403:57रात
शुक्र03:5704:49रात
बुध04:4905:42रात
चंद्र05:4206:35रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2573° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।