7 नवंबर 2029 को टोरंटो का पंचांग

बुधवार, 7 नवंबर 2029, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

बुधवार, 7 नवंबर 2029 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (16:07 तक), नक्षत्र अनुराधा (18:03 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:01 पर और सूर्यास्त 17:00 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:15 तक है।

दिन और रात
दिन 07:01 – 17:00
रात 07:02 तक
तिथि
द्वितीया, 16:07 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 18:03 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 16:07 तक
शुक्ल तृतीया 13:03, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 15:47, 8 नव॰ तक
योग
शोभन 15:43 तक
अतिगंडअशुभ 11:59, 8 नव॰ तक
करण
कौलव 16:07 तक
तैतिल 02:31, 8 नव॰ तक
गर 13:03, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:01
सूर्यास्त
17:00
चंद्रोदय
08:57
चंद्रास्त
18:05
दिनमान
9h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 06:05
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:20 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:15
यमगंड
08:16 – 09:31
गुलिक काल
10:46 – 12:00

7 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:01 – 08:16शुभ
अमृत08:16 – 09:31शुभ
काल09:31 – 10:46टालें
शुभ10:46 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:15टालें
उद्वेग13:15 – 14:30टालें
चर14:30 – 15:45सामान्य
लाभ15:45 – 17:00शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:00 – 18:45टालें
शुभ18:45 – 20:30शुभ
अमृत20:30 – 22:16शुभ
चर22:16 – 00:01सामान्य
रोग00:01 – 01:46टालें
काल01:46 – 03:32टालें
लाभ03:32 – 05:17शुभ
उद्वेग05:17 – 07:02टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0107:51दिन
चंद्र07:5108:41दिन
शनि08:4109:31दिन
गुरु09:3110:21दिन
मंगल10:2111:11दिन
सूर्य11:1112:00दिन
शुक्र12:0012:50दिन
बुध12:5013:40दिन
चंद्र13:4014:30दिन
शनि14:3015:20दिन
गुरु15:2016:10दिन
मंगल16:1017:00दिन
सूर्य17:0018:10रात
शुक्र18:1019:20रात
बुध19:2020:30रात
चंद्र20:3021:41रात
शनि21:4122:51रात
गुरु22:5100:01रात
मंगल00:0101:11रात
सूर्य01:1102:22रात
शुक्र02:2203:32रात
बुध03:3204:42रात
चंद्र04:4205:52रात
शनि05:5207:02रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
9 नव॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।