13 नवंबर 2029 को टोरंटो का पंचांग

मंगलवार, 13 नवंबर 2029, टोरंटो, कनाडा। समय America/Toronto में है।

मंगलवार, 13 नवंबर 2029 को टोरंटो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (07:55 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (14:38 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:09 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 14:27 से 15:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:09 – 16:53
रात 07:10 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 14:38 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 07:55 तक
शुक्ल नवमी 09:05, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 16:30, 14 नव॰ तक
योग
ध्रुव 01:08, 14 नव॰ तक
व्याघातअशुभ 01:14, 15 नव॰ तक
करण
बव 07:55 तक
बालव 20:26 तक
कौलव 09:05, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:09
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
13:15
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
9h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:15 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
14:27 – 15:40
यमगंड
09:35 – 10:48
गुलिक काल
12:01 – 13:14

13 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:09 – 08:22टालें
उद्वेग08:22 – 09:35टालें
चर09:35 – 10:48सामान्य
लाभ10:48 – 12:01शुभ
अमृत12:01 – 13:14शुभ
काल13:14 – 14:27टालें
शुभ14:27 – 15:40शुभ
रोग15:40 – 16:53टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:53 – 18:40टालें
लाभ18:40 – 20:28शुभ
उद्वेग20:28 – 22:15टालें
शुभ22:15 – 00:02शुभ
अमृत00:02 – 01:49शुभ
चर01:49 – 03:36सामान्य
रोग03:36 – 05:23टालें
काल05:23 – 07:10टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0907:58दिन
सूर्य07:5808:46दिन
शुक्र08:4609:35दिन
बुध09:3510:24दिन
चंद्र10:2411:12दिन
शनि11:1212:01दिन
गुरु12:0112:50दिन
मंगल12:5013:39दिन
सूर्य13:3914:27दिन
शुक्र14:2715:16दिन
बुध15:1616:05दिन
चंद्र16:0516:53दिन
शनि16:5318:05रात
गुरु18:0519:16रात
मंगल19:1620:28रात
सूर्य20:2821:39रात
शुक्र21:3922:50रात
बुध22:5000:02रात
चंद्र00:0201:13रात
शनि01:1302:25रात
गुरु02:2503:36रात
मंगल03:3604:47रात
सूर्य04:4705:59रात
शुक्र05:5907:10रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां टोरंटो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2743° (लाहिड़ी)। समय टोरंटो (America/Toronto) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।