10 जनवरी 2026 को वैंकूवर का पंचांग

शनिवार, 10 जनवरी 2026, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (20:50 तक), नक्षत्र चित्रा (04:42, 11 जन॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 08:05 पर और सूर्यास्त 16:35 पर है। राहुकाल 10:12 से 11:16 तक है।

दिन और रात
दिन 08:05 – 16:35
रात 08:04 तक
तिथि
अष्टमी, 20:50 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा, 04:42 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 20:50 तक
कृष्ण नवमी 23:13, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 04:42, 11 जन॰ तक
स्वाति 07:35, 12 जन॰ तक
योग
सुकर्मा 03:57, 11 जन॰ तक
धृति 04:42, 12 जन॰ तक
करण
कौलव 20:50 तक
तैतिल 09:59, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 15:22 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
08:05
सूर्यास्त
16:35
चंद्रोदय
00:34
चंद्रास्त
11:11
दिनमान
8h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:00 – 07:02
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
10:12 – 11:16
यमगंड
13:24 – 14:27
गुलिक काल
08:05 – 09:08

10 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल08:05 – 09:08टालें
शुभ09:08 – 10:12शुभ
रोग10:12 – 11:16टालें
उद्वेग11:16 – 12:20टालें
चर12:20 – 13:24सामान्य
लाभ13:24 – 14:27शुभ
अमृत14:27 – 15:31शुभ
काल15:31 – 16:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:35 – 18:31शुभ
उद्वेग18:31 – 20:27टालें
शुभ20:27 – 22:23शुभ
अमृत22:23 – 00:20शुभ
चर00:20 – 02:16सामान्य
रोग02:16 – 04:12टालें
काल04:12 – 06:08टालें
लाभ06:08 – 08:04शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि08:0508:47दिन
गुरु08:4709:30दिन
मंगल09:3010:12दिन
सूर्य10:1210:55दिन
शुक्र10:5511:37दिन
बुध11:3712:20दिन
चंद्र12:2013:02दिन
शनि13:0213:45दिन
गुरु13:4514:27दिन
मंगल14:2715:10दिन
सूर्य15:1015:53दिन
शुक्र15:5316:35दिन
बुध16:3517:52रात
चंद्र17:5219:10रात
शनि19:1020:27रात
गुरु20:2721:45रात
मंगल21:4523:02रात
सूर्य23:0200:20रात
शुक्र00:2001:37रात
बुध01:3702:54रात
चंद्र02:5404:12रात
शनि04:1205:29रात
गुरु05:2906:47रात
मंगल06:4708:04रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
15 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।