7 जनवरी 2029 को वैंकूवर का पंचांग

रविवार, 7 जनवरी 2029, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

रविवार, 7 जनवरी 2029 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (17:24 तक), नक्षत्र चित्रा (05:13, 8 जन॰ तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 09:06 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 16:28 से 17:32 तक है।

दिन और रात
दिन 09:06 – 17:32
रात 09:05 तक
तिथि
अष्टमी, 17:24 तक
नवमी
नक्षत्र
चित्रा, 05:13 तक
स्वाति
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 17:24 तक
कृष्ण नवमी 15:30, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 05:13, 8 जन॰ तक
स्वाति 04:07, 9 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 11:54 तक
सुकर्मा 09:06, 8 जन॰ तक
करण
कौलव 17:24 तक
तैतिल 04:26, 8 जन॰ तक
गर 15:30, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 17:52 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
09:06
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
01:41
चंद्रास्त
12:07
दिनमान
8h 26m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
07:01 – 08:03
अभिजीत मुहूर्त
13:02 – 13:36

अशुभ समय

राहुकाल
16:28 – 17:32
यमगंड
13:19 – 14:22
गुलिक काल
15:25 – 16:28

7 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग09:06 – 10:09टालें
चर10:09 – 11:12सामान्य
लाभ11:12 – 12:15शुभ
अमृत12:15 – 13:19शुभ
काल13:19 – 14:22टालें
शुभ14:22 – 15:25शुभ
रोग15:25 – 16:28टालें
उद्वेग16:28 – 17:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:32 – 19:28शुभ
अमृत19:28 – 21:25शुभ
चर21:25 – 23:22सामान्य
रोग23:22 – 01:18टालें
काल01:18 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 05:12शुभ
उद्वेग05:12 – 07:09टालें
शुभ07:09 – 09:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य09:0609:48दिन
शुक्र09:4810:30दिन
बुध10:3011:12दिन
चंद्र11:1211:54दिन
शनि11:5412:36दिन
गुरु12:3613:19दिन
मंगल13:1914:01दिन
सूर्य14:0114:43दिन
शुक्र14:4315:25दिन
बुध15:2516:07दिन
चंद्र16:0716:49दिन
शनि16:4917:32दिन
गुरु17:3218:49रात
मंगल18:4920:07रात
सूर्य20:0721:25रात
शुक्र21:2522:43रात
बुध22:4300:01रात
चंद्र00:0101:18रात
शनि01:1802:36रात
गुरु02:3603:54रात
मंगल03:5405:12रात
सूर्य05:1206:30रात
शुक्र06:3007:48रात
बुध07:4809:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
13 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2624° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।