16 जनवरी 2029 को वैंकूवर का पंचांग

मंगलवार, 16 जनवरी 2029, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

मंगलवार, 16 जनवरी 2029 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (12:07 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (07:37, 17 जन॰ तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 09:00 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 15:33 से 16:38 तक है।

दिन और रात
दिन 09:00 – 17:44
रात 09:00 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 07:37 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 जनवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 12:07 तक
शुक्ल तृतीया 13:44, 17 जन॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 07:37, 17 जन॰ तक
शतभिषा 10:02, 18 जन॰ तक
योग
सिद्धि 19:15 तक
व्यतीपातअशुभ 19:26, 17 जन॰ तक
करण
कौलव 12:07 तक
तैतिल 00:52, 17 जन॰ तक
गर 13:44, 17 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 18:34 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
09:00
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
09:49
चंद्रास्त
20:23
दिनमान
8h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
06:58 – 07:59
अभिजीत मुहूर्त
13:05 – 13:40

अशुभ समय

राहुकाल
15:33 – 16:38
यमगंड
11:11 – 12:17
गुलिक काल
13:22 – 14:28

16 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग09:00 – 10:06टालें
उद्वेग10:06 – 11:11टालें
चर11:11 – 12:17सामान्य
लाभ12:17 – 13:22शुभ
अमृत13:22 – 14:28शुभ
काल14:28 – 15:33टालें
शुभ15:33 – 16:38शुभ
रोग16:38 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:44 – 19:38टालें
लाभ19:38 – 21:33शुभ
उद्वेग21:33 – 23:27टालें
शुभ23:27 – 01:22शुभ
अमृत01:22 – 03:16शुभ
चर03:16 – 05:11सामान्य
रोग05:11 – 07:05टालें
काल07:05 – 09:00टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल09:0009:44दिन
सूर्य09:4410:28दिन
शुक्र10:2811:11दिन
बुध11:1111:55दिन
चंद्र11:5512:39दिन
शनि12:3913:22दिन
गुरु13:2214:06दिन
मंगल14:0614:49दिन
सूर्य14:4915:33दिन
शुक्र15:3316:17दिन
बुध16:1717:00दिन
चंद्र17:0017:44दिन
शनि17:4419:00रात
गुरु19:0020:17रात
मंगल20:1721:33रात
सूर्य21:3322:49रात
शुक्र22:4900:05रात
बुध00:0501:22रात
चंद्र01:2202:38रात
शनि02:3803:54रात
गुरु03:5405:11रात
मंगल05:1106:27रात
सूर्य06:2707:43रात
शुक्र07:4309:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2628° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।