28 सितंबर 2029 को वैंकूवर का पंचांग

शुक्रवार, 28 सितंबर 2029, वैंकूवर, कनाडा। समय America/Vancouver में है।

शुक्रवार, 28 सितंबर 2029 को वैंकूवर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (23:34 तक), नक्षत्र रोहिणी (21:59 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 07:08 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 11:33 से 13:02 तक है।

दिन और रात
दिन 07:08 – 18:56
रात 07:09 तक
तिथि
षष्ठी, 23:34 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी, 21:59 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 23:34 तक
कृष्ण सप्तमी 01:19, 30 सित॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 21:59 तक
मृगशिरा 00:18, 30 सित॰ तक
योग
सिद्धि 18:10 तक
व्यतीपातअशुभ 18:36, 29 सित॰ तक
करण
गर 10:30 तक
वणिज 23:34 तक
विष्टि (भद्रा) 12:31, 29 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:08
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
21:41
चंद्रास्त
13:30
दिनमान
11h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:31 – 06:19
अभिजीत मुहूर्त
12:38 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
11:33 – 13:02
यमगंड
15:59 – 17:27
गुलिक काल
08:36 – 10:05

28 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:08 – 08:36सामान्य
लाभ08:36 – 10:05शुभ
अमृत10:05 – 11:33शुभ
काल11:33 – 13:02टालें
शुभ13:02 – 14:30शुभ
रोग14:30 – 15:59टालें
उद्वेग15:59 – 17:27टालें
चर17:27 – 18:56सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:56 – 20:28टालें
काल20:28 – 21:59टालें
लाभ21:59 – 23:31शुभ
उद्वेग23:31 – 01:03टालें
शुभ01:03 – 02:34शुभ
अमृत02:34 – 04:06शुभ
चर04:06 – 05:38सामान्य
रोग05:38 – 07:09टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0808:07दिन
बुध08:0709:06दिन
चंद्र09:0610:05दिन
शनि10:0511:04दिन
गुरु11:0412:03दिन
मंगल12:0313:02दिन
सूर्य13:0214:01दिन
शुक्र14:0115:00दिन
बुध15:0015:59दिन
चंद्र15:5916:58दिन
शनि16:5817:57दिन
गुरु17:5718:56दिन
मंगल18:5619:57रात
सूर्य19:5720:58रात
शुक्र20:5821:59रात
बुध21:5923:00रात
चंद्र23:0000:02रात
शनि00:0201:03रात
गुरु01:0302:04रात
मंगल02:0403:05रात
सूर्य03:0504:06रात
शुक्र04:0605:07रात
बुध05:0706:08रात
चंद्र06:0807:09रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां वैंकूवर में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2725° (लाहिड़ी)। समय वैंकूवर (America/Vancouver) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।