18 सितंबर 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. का पंचांग

सोमवार, 18 सितंबर 2028, वॉशिंगटन डी.सी., संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

सोमवार, 18 सितंबर 2028 को वॉशिंगटन डी.सी. में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (14:23 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (02:47, 19 सित॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 08:25 से 09:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 19:10
रात 06:53 तक
तिथि
अमावस्या, 14:23 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 02:47 तक
हस्त
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 सितंबर 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 14:23 तक
शुक्ल प्रतिपदा 10:30, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 02:47, 19 सित॰ तक
हस्त 23:48, 19 सित॰ तक
योग
शुभ 18:02 तक
शुक्ल 13:43, 19 सित॰ तक
करण
नाग 14:23 तक
किंस्तुघ्न 00:26, 19 सित॰ तक
बव 10:30, 19 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 11:06 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
06:41
चंद्रास्त
18:50
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:06
अभिजीत मुहूर्त
12:37 – 13:26

अशुभ समय

राहुकाल
08:25 – 09:57
यमगंड
11:29 – 13:01
गुलिक काल
14:33 – 16:06

18 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:52 – 08:25शुभ
काल08:25 – 09:57टालें
शुभ09:57 – 11:29शुभ
रोग11:29 – 13:01टालें
उद्वेग13:01 – 14:33टालें
चर14:33 – 16:06सामान्य
लाभ16:06 – 17:38शुभ
अमृत17:38 – 19:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:10 – 20:38सामान्य
रोग20:38 – 22:06टालें
काल22:06 – 23:34टालें
लाभ23:34 – 01:02शुभ
उद्वेग01:02 – 02:30टालें
शुभ02:30 – 03:57शुभ
अमृत03:57 – 05:25शुभ
चर05:25 – 06:53सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5207:54दिन
शनि07:5408:55दिन
गुरु08:5509:57दिन
मंगल09:5710:58दिन
सूर्य10:5812:00दिन
शुक्र12:0013:01दिन
बुध13:0114:03दिन
चंद्र14:0315:04दिन
शनि15:0416:06दिन
गुरु16:0617:07दिन
मंगल17:0718:09दिन
सूर्य18:0919:10दिन
शुक्र19:1020:09रात
बुध20:0921:07रात
चंद्र21:0722:06रात
शनि22:0623:04रात
गुरु23:0400:03रात
मंगल00:0301:02रात
सूर्य01:0202:00रात
शुक्र02:0002:59रात
बुध02:5903:57रात
चंद्र03:5704:56रात
शनि04:5605:55रात
गुरु05:5506:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
15 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
17 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां वॉशिंगटन डी.सी. में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2582° (लाहिड़ी)। समय वॉशिंगटन डी.सी. (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।