नेल्लोरसाठी 9 ऑक्टोबर, 2028 रोजीचे चौघडिया
सोमवार, 9 ऑक्टोबर, 2028, नेल्लोर, भारत. वेळा Asia/Kolkata मध्ये आहेत.
सोमवार, 9 ऑक्टोबर, 2028 रोजी नेल्लोर येथे सूर्योदयाच्या वेळी तिथी कृष्ण षष्ठी (06:02, 10 ऑक्टोपर्यंत), नक्षत्र रोहिणी (08:16पर्यंत) आणि योग व्यतीपात आहे. सूर्योदय 06:00 वाजता आणि सूर्यास्त 17:53 वाजता आहे. राहू काळ 07:29 ते 08:58पर्यंत आहे.
9 ऑक्टोबर, 2028 रोजीचे चौघडिया
चौघडिया दिवसाचे (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचे (सूर्यास्त ते पुढील सूर्योदय) प्रत्येकी आठ भाग करते. अमृत, शुभ आणि लाभ कामाच्या सुरुवातीसाठी चांगले; चल प्रवासासाठी चांगले; उद्वेग, काळ आणि रोग नव्या सुरुवातीसाठी टाळणे उत्तम.
| दिवसाचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| अमृत | 06:00 – 07:29 | शुभ |
| काळ | 07:29 – 08:58 | टाळा |
| शुभ | 08:58 – 10:27 | शुभ |
| रोग | 10:27 – 11:57 | टाळा |
| उद्वेग | 11:57 – 13:26 | टाळा |
| चर | 13:26 – 14:55 | सामान्य |
| लाभ | 14:55 – 16:24 | शुभ |
| अमृत | 16:24 – 17:53 | शुभ |
| रात्रीचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| चर | 17:53 – 19:24 | सामान्य |
| रोग | 19:24 – 20:55 | टाळा |
| काळ | 20:55 – 22:26 | टाळा |
| लाभ | 22:26 – 23:57 | शुभ |
| उद्वेग | 23:57 – 01:28 | टाळा |
| शुभ | 01:28 – 02:58 | शुभ |
| अमृत | 02:58 – 04:29 | शुभ |
| चर | 04:29 – 06:00 | सामान्य |
9 ऑक्टोबर, 2028 रोजीचे पंचांग
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- 06:00
- सूर्यास्त
- 17:53
- चंद्रोदय
- 22:04
- चंद्रास्त
- 10:34
- दिनमान
- 11h 53m
हिंदू पंचांग
- महिना (अमांत)
- आश्विन
- महिना (पौर्णिमांत)
- कार्तिक
- विक्रम संवत
- 2085
- शके
- 1950, कीलक संवत्सर
- ऋतू
- शरद ऋतू
- अयन
- दक्षिणायन
शुभ वेळा
- ब्राह्म मुहूर्त
- 04:23 – 05:12
- अभिजित मुहूर्त
- 11:33 – 12:20
अशुभ वेळा
- राहू काळ
- 07:29 – 08:58
- यमगंड
- 10:27 – 11:57
- गुलिक काळ
- 13:26 – 14:55
होरा (ग्रहांचे तास)
प्रत्येक होरा दिवसाचा किंवा रात्रीचा बारावा भाग असतो आणि त्यावर एका ग्रहाचे आधिपत्य असते; सूर्योदयाला वारस्वामीपासून सुरुवात होते. ग्रह ज्या गोष्टींचा कारक आहे त्या कामांसाठी त्याचा होरा वापरा — शिक्षणासाठी गुरू, कलांसाठी शुक्र, व्यापारासाठी बुध.
| होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | दिवस / रात्र |
|---|---|---|---|
| चंद्र | 06:00 | 06:59 | दिवस |
| शनी | 06:59 | 07:59 | दिवस |
| गुरू | 07:59 | 08:58 | दिवस |
| मंगळ | 08:58 | 09:58 | दिवस |
| सूर्य | 09:58 | 10:57 | दिवस |
| शुक्र | 10:57 | 11:57 | दिवस |
| बुध | 11:57 | 12:56 | दिवस |
| चंद्र | 12:56 | 13:56 | दिवस |
| शनी | 13:56 | 14:55 | दिवस |
| गुरू | 14:55 | 15:54 | दिवस |
| मंगळ | 15:54 | 16:54 | दिवस |
| सूर्य | 16:54 | 17:53 | दिवस |
| शुक्र | 17:53 | 18:54 | रात्र |
| बुध | 18:54 | 19:54 | रात्र |
| चंद्र | 19:54 | 20:55 | रात्र |
| शनी | 20:55 | 21:56 | रात्र |
| गुरू | 21:56 | 22:56 | रात्र |
| मंगळ | 22:56 | 23:57 | रात्र |
| सूर्य | 23:57 | 00:57 | रात्र |
| शुक्र | 00:57 | 01:58 | रात्र |
| बुध | 01:58 | 02:58 | रात्र |
| चंद्र | 02:58 | 03:59 | रात्र |
| शनी | 03:59 | 05:00 | रात्र |
| गुरू | 05:00 | 06:00 | रात्र |
अयनांश 24.2590° (लाहिरी). वेळा नेल्लोरच्या स्थानिक आहेत (Asia/Kolkata).
दुसऱ्या शहराचे चौघडिया
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
चौघडिया म्हणजे काय?
चौघडिया ही गुजरात आणि राजस्थानमध्ये लोकप्रिय असलेली वैदिक कालगणना पद्धत आहे, जी दिवस आणि रात्र प्रत्येकी आठ मुहूर्तांत विभागते. प्रत्येक कालखंडावर एका ग्रहाचे स्वामित्व असते आणि त्याला अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काळ किंवा रोग असे नाव असते.
कोणता चौघडिया सर्वोत्तम?
नवीन कामाची सुरुवात, कागदपत्रांवर सही आणि खरेदीसाठी अमृत, शुभ आणि लाभ शुभ मानले जातात. प्रवासासाठी चर चांगला असतो. नवीन सुरुवातीसाठी उद्वेग, काळ आणि रोग परंपरेने टाळले जातात.
चौघडियाच्या वेळा दररोज वेगळ्या का असतात?
हे कालखंड तुमच्या ठिकाणच्या प्रत्यक्ष दिवसाचा (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचा (सूर्यास्त ते पुढचा सूर्योदय) एक-अष्टमांश भाग असतात, त्यामुळे वर्षभर सूर्योदय-सूर्यास्तानुसार ते बदलतात.
चौघडिया आणि राहू काळ एकच आहेत का?
नाही. राहू काळ हा दररोजचा एकच अशुभ कालखंड आहे. चौघडिया दिवस आणि रात्रीच्या सर्व सोळा कालखंडांचे मूल्यमापन करतो.