शिकागोसाठी 22 फेब्रुवारी, 2029 रोजीचे पंचांग
गुरुवार, 22 फेब्रुवारी, 2029, शिकागो, युनायटेड स्टेट्स. वेळा America/Chicago मध्ये आहेत.
गुरुवार, 22 फेब्रुवारी, 2029 रोजी शिकागो येथे सूर्योदयाच्या वेळी तिथी शुक्ल नवमी (22:36पर्यंत), नक्षत्र रोहिणी (12:43पर्यंत) आणि योग विष्कंभ आहे. सूर्योदय 06:35 वाजता आणि सूर्यास्त 17:32 वाजता आहे. राहू काळ 13:26 ते 14:48पर्यंत आहे.
22 फेब्रुवारी, 2029 रोजीचे पंचांग
| वार | गुरुवार |
|---|---|
| तिथी | शुक्ल नवमी 22:36पर्यंत शुक्ल दशमी 22:34, 23 फेब्रुपर्यंत |
| नक्षत्र | रोहिणी 12:43पर्यंत मृग 13:36, 23 फेब्रुपर्यंत |
| योग | विष्कंभअशुभ 05:49, 23 फेब्रुपर्यंत प्रीती 04:26, 24 फेब्रुपर्यंत |
| करण | बालव 10:19पर्यंत कौलव 22:36पर्यंत तैतिल 10:42, 23 फेब्रुपर्यंत |
| चंद्ररास | वृषभ 01:16, 23 फेब्रुपर्यंत |
| सूर्यरास | कुंभ |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
सूर्य आणि चंद्र
- सूर्योदय
- 06:35
- सूर्यास्त
- 17:32
- चंद्रोदय
- 11:02
- चंद्रास्त
- 01:58
- दिनमान
- 10h 57m
हिंदू पंचांग
- महिना (अमांत)
- फाल्गुन
- महिना (पौर्णिमांत)
- फाल्गुन
- विक्रम संवत
- 2085
- शके
- 1950, कीलक संवत्सर
- ऋतू
- शिशिर ऋतू
- अयन
- उत्तरायण
शुभ वेळा
- ब्राह्म मुहूर्त
- 04:51 – 05:43
- अभिजित मुहूर्त
- 11:42 – 12:26
अशुभ वेळा
- राहू काळ
- 13:26 – 14:48
- यमगंड
- 06:35 – 07:57
- गुलिक काळ
- 09:19 – 10:42
22 फेब्रुवारी, 2029 रोजीचे चौघडिया
चौघडिया दिवसाचे (सूर्योदय ते सूर्यास्त) आणि रात्रीचे (सूर्यास्त ते पुढील सूर्योदय) प्रत्येकी आठ भाग करते. अमृत, शुभ आणि लाभ कामाच्या सुरुवातीसाठी चांगले; चल प्रवासासाठी चांगले; उद्वेग, काळ आणि रोग नव्या सुरुवातीसाठी टाळणे उत्तम.
| दिवसाचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| शुभ | 06:35 – 07:57 | शुभ |
| रोग | 07:57 – 09:19 | टाळा |
| उद्वेग | 09:19 – 10:42 | टाळा |
| चर | 10:42 – 12:04 | सामान्य |
| लाभ | 12:04 – 13:26 | शुभ |
| अमृत | 13:26 – 14:48 | शुभ |
| काळ | 14:48 – 16:10 | टाळा |
| शुभ | 16:10 – 17:32 | शुभ |
| रात्रीचे चौघडिया | वेळ | स्वरूप |
|---|---|---|
| अमृत | 17:32 – 19:10 | शुभ |
| चर | 19:10 – 20:48 | सामान्य |
| रोग | 20:48 – 22:25 | टाळा |
| काळ | 22:25 – 00:03 | टाळा |
| लाभ | 00:03 – 01:41 | शुभ |
| उद्वेग | 01:41 – 03:18 | टाळा |
| शुभ | 03:18 – 04:56 | शुभ |
| अमृत | 04:56 – 06:34 | शुभ |
होरा (ग्रहांचे तास)
प्रत्येक होरा दिवसाचा किंवा रात्रीचा बारावा भाग असतो आणि त्यावर एका ग्रहाचे आधिपत्य असते; सूर्योदयाला वारस्वामीपासून सुरुवात होते. ग्रह ज्या गोष्टींचा कारक आहे त्या कामांसाठी त्याचा होरा वापरा — शिक्षणासाठी गुरू, कलांसाठी शुक्र, व्यापारासाठी बुध.
| होरा स्वामी | पासून | पर्यंत | दिवस / रात्र |
|---|---|---|---|
| गुरू | 06:35 | 07:30 | दिवस |
| मंगळ | 07:30 | 08:25 | दिवस |
| सूर्य | 08:25 | 09:19 | दिवस |
| शुक्र | 09:19 | 10:14 | दिवस |
| बुध | 10:14 | 11:09 | दिवस |
| चंद्र | 11:09 | 12:04 | दिवस |
| शनी | 12:04 | 12:58 | दिवस |
| गुरू | 12:58 | 13:53 | दिवस |
| मंगळ | 13:53 | 14:48 | दिवस |
| सूर्य | 14:48 | 15:43 | दिवस |
| शुक्र | 15:43 | 16:38 | दिवस |
| बुध | 16:38 | 17:32 | दिवस |
| चंद्र | 17:32 | 18:37 | रात्र |
| शनी | 18:37 | 19:43 | रात्र |
| गुरू | 19:43 | 20:48 | रात्र |
| मंगळ | 20:48 | 21:53 | रात्र |
| सूर्य | 21:53 | 22:58 | रात्र |
| शुक्र | 22:58 | 00:03 | रात्र |
| बुध | 00:03 | 01:08 | रात्र |
| चंद्र | 01:08 | 02:13 | रात्र |
| शनी | 02:13 | 03:18 | रात्र |
| गुरू | 03:18 | 04:23 | रात्र |
| मंगळ | 04:23 | 05:29 | रात्र |
| सूर्य | 05:29 | 06:34 | रात्र |
आगामी व्रते आणि तिथी
| तारीख | व्रत / सण | तिथी / घटना |
|---|---|---|
| 24 फेब्रु, 2029 | शुक्ल एकादशी | शुक्ल एकादशी |
| 26 फेब्रु, 2029 | प्रदोष व्रत | शुक्ल त्रयोदशी |
| 28 फेब्रु, 2029 | फाल्गुन पौर्णिमा | पौर्णिमा |
| 3 मार्च, 2029 | संकष्ट चतुर्थी | कृष्ण चतुर्थी |
| 7 मार्च, 2029 | कालाष्टमी | कृष्ण अष्टमी |
| 10 मार्च, 2029 | कृष्ण एकादशी | कृष्ण एकादशी |
| 12 मार्च, 2029 | प्रदोष व्रत | कृष्ण त्रयोदशी |
| 14 मार्च, 2029 | चैत्र अमावास्या | अमावास्या |
| 14 मार्च, 2029 | मीन संक्रांती | सूर्याचा मीन राशीत प्रवेश |
| 18 मार्च, 2029 | विनायक चतुर्थी | शुक्ल चतुर्थी |
तारखा शिकागो येथील स्थानिक सूर्योदयाच्या तिथीनुसार आहेत. काही सण इतर नियमांनुसार पाळले जातात (उदा. चंद्रोदय किंवा प्रदोषकाळी), त्यामुळे स्थानिक प्रथेनुसार एका दिवसाचा फरक पडू शकतो. सर्व व्रतांच्या तारखा →
अयनांश 24.2642° (लाहिरी). वेळा शिकागोच्या स्थानिक आहेत (America/Chicago).
पुढील 30 दिवसांतील सण
दुसऱ्या शहराचे पंचांग
वारंवार विचारले जाणारे प्रश्न
पंचांग म्हणजे काय?
पंचांग हे हिंदू दिनदर्शिका-ग्रंथ आहे. त्याची पाच अंगे (पंच अंग) म्हणजे तिथी (चांद्र दिवस), वार, नक्षत्र, योग आणि करण. सूर्योदय, राहू काळ आणि मुहूर्तांच्या वेळांसह यांचा उपयोग शुभ वेळ निवडण्यासाठी केला जातो.
पंचांग शहरानुसार का बदलते?
सूर्योदय, सूर्यास्त, राहू काळ, चौघडिया आणि सूर्योदयाला असलेली तिथी हे सर्व तुमच्या ठिकाणावर अवलंबून असतात. तिथी आणि नक्षत्र संपण्याचा क्षण सर्वत्र एकच असतो, पण तो तुमच्या स्थानिक वेळेत दाखवला जातो.
दिवसासाठी कोणती तिथी मानली जाते?
परंपरेने बहुतेक व्रत-वैकल्यांसाठी स्थानिक सूर्योदयाला असलेली तिथी (उदय तिथी) संपूर्ण दिवसासाठी मानली जाते. एखादी तिथी दोन सूर्योदयांच्या दरम्यान सुरू होऊन संपल्यास तिला क्षय तिथी म्हणतात.
राहू काळ कसा मोजला जातो?
सूर्योदय ते सूर्यास्त या वेळेचे आठ समान भाग केले जातात. राहू काळ रविवारी 8वा, सोमवारी 2रा, मंगळवारी 7वा, बुधवारी 5वा, गुरुवारी 6वा, शुक्रवारी 4था आणि शनिवारी 3रा भाग असतो.
हे पंचांग कोणता अयनांश वापरते?
लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय पंचांग आणि बहुतेक उत्तर भारतीय पंचांगांचे मानक आहे. सूर्याची वरची कड क्षितिजावर दिसते तो क्षण सूर्योदय मानला जातो, ज्यात प्रमाणित वातावरणीय अपवर्तन विचारात घेतले जाते.