30 सितंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 30 सितंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (08:06 तक), नक्षत्र हस्त (02:11, 1 अक्टू॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:49 पर है। राहुकाल 13:20 से 14:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:49
रात 05:53 तक
तिथि
प्रतिपदा, 05:35 तक
नक्षत्र
हस्त, 02:11 तक
चित्रा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:53 – 07:22शुभ
रोग07:22 – 08:52टालें
उद्वेग08:52 – 10:21टालें
चर10:21 – 11:51सामान्य
लाभ11:51 – 13:20शुभ
अमृत13:20 – 14:50शुभ
काल14:50 – 16:19टालें
शुभ16:19 – 17:49शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:49 – 19:19शुभ
चर19:19 – 20:50सामान्य
रोग20:50 – 22:20टालें
काल22:20 – 23:51टालें
लाभ23:51 – 01:21शुभ
उद्वेग01:21 – 02:52टालें
शुभ02:52 – 04:22शुभ
अमृत04:22 – 05:53शुभ

30 सितंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 08:06 तक
शुक्ल प्रतिपदा 05:35, 1 अक्टू॰ तक
शुक्ल द्वितीया 03:33, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 02:11, 1 अक्टू॰ तक
चित्रा 00:49, 2 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 21:09 तक
इंद्र 18:11, 1 अक्टू॰ तक
करण
नाग 08:06 तक
किंस्तुघ्न 18:47 तक
बव 05:35, 1 अक्टू॰ तक
बालव 16:30, 1 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:49
चंद्रोदय
05:52
चंद्रास्त
17:44
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:15

अशुभ समय

राहुकाल
13:20 – 14:50
यमगंड
05:53 – 07:22
गुलिक काल
08:52 – 10:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5306:52दिन
मंगल06:5207:52दिन
सूर्य07:5208:52दिन
शुक्र08:5209:51दिन
बुध09:5110:51दिन
चंद्र10:5111:51दिन
शनि11:5112:50दिन
गुरु12:5013:50दिन
मंगल13:5014:50दिन
सूर्य14:5015:49दिन
शुक्र15:4916:49दिन
बुध16:4917:49दिन
चंद्र17:4918:49रात
शनि18:4919:49रात
गुरु19:4920:50रात
मंगल20:5021:50रात
सूर्य21:5022:51रात
शुक्र22:5123:51रात
बुध23:5100:51रात
चंद्र00:5101:52रात
शनि01:5202:52रात
गुरु02:5203:52रात
मंगल03:5204:53रात
सूर्य04:5305:53रात

अयनांश 24.2446° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।