30 मार्च 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 मार्च 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 30 मार्च 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (07:56 तक), नक्षत्र हस्त (20:19 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 10:32 से 12:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 18:17
रात 05:53 तक
तिथि
प्रतिपदा, 03:58 तक
द्वितीया
नक्षत्र
हस्त, 20:19 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:54 – 07:27सामान्य
लाभ07:27 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:32शुभ
काल10:32 – 12:05टालें
शुभ12:05 – 13:38शुभ
रोग13:38 – 15:11टालें
उद्वेग15:11 – 16:44टालें
चर16:44 – 18:17सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:17 – 19:44टालें
काल19:44 – 21:11टालें
लाभ21:11 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:05टालें
शुभ00:05 – 01:32शुभ
अमृत01:32 – 02:59शुभ
चर02:59 – 04:26सामान्य
रोग04:26 – 05:53टालें

30 मार्च 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 07:56 तक
कृष्ण प्रतिपदा 03:58, 31 मार्च तक
कृष्ण द्वितीया 00:11, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
हस्त 20:19 तक
चित्रा 17:14, 31 मार्च तक
योग
ध्रुव 21:25 तक
व्याघातअशुभ 17:04, 31 मार्च तक
करण
बव 07:56 तक
बालव 17:57 तक
कौलव 03:58, 31 मार्च तक
तैतिल 14:03, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
18:45
चंद्रास्त
05:35
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:32 – 12:05
यमगंड
15:11 – 16:44
गुलिक काल
07:27 – 09:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:5406:56दिन
बुध06:5607:58दिन
चंद्र07:5809:00दिन
शनि09:0010:01दिन
गुरु10:0111:03दिन
मंगल11:0312:05दिन
सूर्य12:0513:07दिन
शुक्र13:0714:09दिन
बुध14:0915:11दिन
चंद्र15:1116:13दिन
शनि16:1317:15दिन
गुरु17:1518:17दिन
मंगल18:1719:15रात
सूर्य19:1520:13रात
शुक्र20:1321:11रात
बुध21:1122:09रात
चंद्र22:0923:07रात
शनि23:0700:05रात
गुरु00:0501:03रात
मंगल01:0302:01रात
सूर्य02:0102:59रात
शुक्र02:5903:57रात
बुध03:5704:55रात
चंद्र04:5505:53रात

अयनांश 24.2656° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।