31 मार्च 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 31 मार्च 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 31 मार्च 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (00:11, 1 अप्रैल तक), नक्षत्र चित्रा (17:14 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 08:59 से 10:32 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 18:17
रात 05:52 तक
तिथि
द्वितीया, 00:11 तक
तृतीया
नक्षत्र
चित्रा, 17:14 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:53 – 07:26टालें
शुभ07:26 – 08:59शुभ
रोग08:59 – 10:32टालें
उद्वेग10:32 – 12:05टालें
चर12:05 – 13:38सामान्य
लाभ13:38 – 15:11शुभ
अमृत15:11 – 16:44शुभ
काल16:44 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:17 – 19:44शुभ
उद्वेग19:44 – 21:11टालें
शुभ21:11 – 22:38शुभ
अमृत22:38 – 00:04शुभ
चर00:04 – 01:31सामान्य
रोग01:31 – 02:58टालें
काल02:58 – 04:25टालें
लाभ04:25 – 05:52शुभ

31 मार्च 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 00:11, 1 अप्रैल तक
कृष्ण तृतीया 20:44, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
चित्रा 17:14 तक
स्वाति 14:26, 1 अप्रैल तक
योग
व्याघातअशुभ 17:04 तक
हर्षण 12:58, 1 अप्रैल तक
करण
तैतिल 14:03 तक
गर 00:11, 1 अप्रैल तक
वणिज 10:24, 1 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कन्या 06:45 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
19:55
चंद्रास्त
06:18
दिनमान
12h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
अधिक चैत्र
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:20 – 05:06
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
08:59 – 10:32
यमगंड
13:38 – 15:11
गुलिक काल
05:53 – 07:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5306:55दिन
गुरु06:5507:57दिन
मंगल07:5708:59दिन
सूर्य08:5910:01दिन
शुक्र10:0111:03दिन
बुध11:0312:05दिन
चंद्र12:0513:07दिन
शनि13:0714:09दिन
गुरु14:0915:11दिन
मंगल15:1116:13दिन
सूर्य16:1317:15दिन
शुक्र17:1518:17दिन
बुध18:1719:15रात
चंद्र19:1520:13रात
शनि20:1321:11रात
गुरु21:1122:09रात
मंगल22:0923:07रात
सूर्य23:0700:04रात
शुक्र00:0401:02रात
बुध01:0202:00रात
चंद्र02:0002:58रात
शनि02:5803:56रात
गुरु03:5604:54रात
मंगल04:5405:52रात

अयनांश 24.2656° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।