15 दिसंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 15 दिसंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (21:20 तक), नक्षत्र चित्रा (11:08 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:56 पर और सूर्यास्त 17:17 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:56 – 17:17
रात 06:57 तक
तिथि
एकादशी, 21:20 तक
द्वादशी
नक्षत्र
चित्रा, 11:08 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:56 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:32टालें
शुभ09:32 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:07टालें
उद्वेग12:07 – 13:25टालें
चर13:25 – 14:42सामान्य
लाभ14:42 – 16:00शुभ
अमृत16:00 – 17:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:17 – 19:00सामान्य
रोग19:00 – 20:42टालें
काल20:42 – 22:25टालें
लाभ22:25 – 00:07शुभ
उद्वेग00:07 – 01:50टालें
शुभ01:50 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 05:14शुभ
चर05:14 – 06:57सामान्य

15 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 21:20 तक
कृष्ण द्वादशी 23:57, 16 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 11:08 तक
स्वाति 14:09, 16 दिस॰ तक
योग
शोभन 12:30 तक
अतिगंडअशुभ 13:23, 16 दिस॰ तक
करण
बव 08:03 तक
बालव 21:20 तक
कौलव 10:38, 16 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:56
सूर्यास्त
17:17
चंद्रोदय
02:41
चंद्रास्त
13:54
दिनमान
10h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:07 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:32
यमगंड
10:49 – 12:07
गुलिक काल
13:25 – 14:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5607:48दिन
शनि07:4808:40दिन
गुरु08:4009:32दिन
मंगल09:3210:23दिन
सूर्य10:2311:15दिन
शुक्र11:1512:07दिन
बुध12:0712:59दिन
चंद्र12:5913:50दिन
शनि13:5014:42दिन
गुरु14:4215:34दिन
मंगल15:3416:26दिन
सूर्य16:2617:17दिन
शुक्र17:1718:26रात
बुध18:2619:34रात
चंद्र19:3420:42रात
शनि20:4221:51रात
गुरु21:5122:59रात
मंगल22:5900:07रात
सूर्य00:0701:15रात
शुक्र01:1502:24रात
बुध02:2403:32रात
चंद्र03:3204:40रात
शनि04:4005:49रात
गुरु05:4906:57रात

अयनांश 24.2196° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।