16 दिसंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 16 दिसंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 16 दिसंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:57 तक), नक्षत्र स्वाति (14:09 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:57 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 14:43 से 16:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:57 – 17:18
रात 06:57 तक
तिथि
द्वादशी, 23:57 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
स्वाति, 14:09 तक
विशाखा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:57 – 08:14टालें
उद्वेग08:14 – 09:32टालें
चर09:32 – 10:50सामान्य
लाभ10:50 – 12:07शुभ
अमृत12:07 – 13:25शुभ
काल13:25 – 14:43टालें
शुभ14:43 – 16:00शुभ
रोग16:00 – 17:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:18 – 19:00टालें
लाभ19:00 – 20:43शुभ
उद्वेग20:43 – 22:25टालें
शुभ22:25 – 00:08शुभ
अमृत00:08 – 01:50शुभ
चर01:50 – 03:33सामान्य
रोग03:33 – 05:15टालें
काल05:15 – 06:57टालें

16 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:57 तक
कृष्ण त्रयोदशी 02:33, 18 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 14:09 तक
विशाखा 17:11, 17 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 13:23 तक
सुकर्मा 14:16, 17 दिस॰ तक
करण
कौलव 10:38 तक
तैतिल 23:57 तक
गर 13:16, 17 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:57
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
03:35
चंद्रास्त
14:26
दिनमान
10h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 06:02
अभिजीत मुहूर्त
11:47 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
14:43 – 16:00
यमगंड
09:32 – 10:50
गुलिक काल
12:07 – 13:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5707:49दिन
सूर्य07:4908:40दिन
शुक्र08:4009:32दिन
बुध09:3210:24दिन
चंद्र10:2411:16दिन
शनि11:1612:07दिन
गुरु12:0712:59दिन
मंगल12:5913:51दिन
सूर्य13:5114:43दिन
शुक्र14:4315:34दिन
बुध15:3416:26दिन
चंद्र16:2617:18दिन
शनि17:1818:26रात
गुरु18:2619:34रात
मंगल19:3420:43रात
सूर्य20:4321:51रात
शुक्र21:5122:59रात
बुध22:5900:08रात
चंद्र00:0801:16रात
शनि01:1602:24रात
गुरु02:2403:33रात
मंगल03:3304:41रात
सूर्य04:4105:49रात
शुक्र05:4906:57रात

अयनांश 24.2197° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।