29 जून 2025 को बेंगलुरु का चौघड़िया

रविवार, 29 जून 2025, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 29 जून 2025 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (09:15 तक), नक्षत्र आश्लेषा (06:34 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 18:49 पर है। राहुकाल 17:12 से 18:49 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 18:49
रात 05:56 तक
तिथि
चतुर्थी, 09:15 तक
पंचमी
नक्षत्र
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:56 – 07:33टालें
चर07:33 – 09:09सामान्य
लाभ09:09 – 10:46शुभ
अमृत10:46 – 12:23शुभ
काल12:23 – 13:59टालें
शुभ13:59 – 15:36शुभ
रोग15:36 – 17:12टालें
उद्वेग17:12 – 18:49टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:49 – 20:12शुभ
अमृत20:12 – 21:36शुभ
चर21:36 – 22:59सामान्य
रोग22:59 – 00:23टालें
काल00:23 – 01:46टालें
लाभ01:46 – 03:10शुभ
उद्वेग03:10 – 04:33टालें
शुभ04:33 – 05:56शुभ

29 जून 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 09:15 तक
शुक्ल पंचमी 09:24, 30 जून तक
नक्षत्र
मघा 07:20, 30 जून तक
योग
वज्रअशुभ 17:58 तक
सिद्धि 17:20, 30 जून तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:15 तक
बव 21:13 तक
बालव 09:24, 30 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 06:34 तक
सूर्य राशिमिथुन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
18:49
चंद्रोदय
09:31
चंद्रास्त
22:19
दिनमान
12h 53m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:57 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
17:12 – 18:49
यमगंड
12:23 – 13:59
गुलिक काल
15:36 – 17:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5607:01दिन
शुक्र07:0108:05दिन
बुध08:0509:09दिन
चंद्र09:0910:14दिन
शनि10:1411:18दिन
गुरु11:1812:23दिन
मंगल12:2313:27दिन
सूर्य13:2714:31दिन
शुक्र14:3115:36दिन
बुध15:3616:40दिन
चंद्र16:4017:45दिन
शनि17:4518:49दिन
गुरु18:4919:45रात
मंगल19:4520:40रात
सूर्य20:4021:36रात
शुक्र21:3622:32रात
बुध22:3223:27रात
चंद्र23:2700:23रात
शनि00:2301:18रात
गुरु01:1802:14रात
मंगल02:1403:10रात
सूर्य03:1004:05रात
शुक्र04:0505:01रात
बुध05:0105:56रात

अयनांश 24.2132° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।