22 अप्रैल 2027 को बेंगलुरु का चौघड़िया

गुरुवार, 22 अप्रैल 2027, बेंगलुरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 22 अप्रैल 2027 को बेंगलुरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (03:37, 23 अप्रैल तक), नक्षत्र विशाखा (05:32, 23 अप्रैल तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:03 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:03 – 18:33
रात 06:02 तक
तिथि
द्वितीया, 03:37 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 05:32 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:03 – 07:37शुभ
रोग07:37 – 09:10टालें
उद्वेग09:10 – 10:44टालें
चर10:44 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:25शुभ
काल15:25 – 16:59टालें
शुभ16:59 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:33 – 19:59शुभ
चर19:59 – 21:25सामान्य
रोग21:25 – 22:51टालें
काल22:51 – 00:18टालें
लाभ00:18 – 01:44शुभ
उद्वेग01:44 – 03:10टालें
शुभ03:10 – 04:36शुभ
अमृत04:36 – 06:02शुभ

22 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 03:37, 23 अप्रैल तक
कृष्ण तृतीया 04:21, 24 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 05:32, 23 अप्रैल तक
अनुराधा 06:57, 24 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 14:57 तक
व्यतीपातअशुभ 14:13, 23 अप्रैल तक
करण
तैतिल 15:29 तक
गर 03:37, 23 अप्रैल तक
वणिज 15:54, 23 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 23:17 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:03
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
19:55
चंद्रास्त
06:44
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:31 – 05:17
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:43

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:25
यमगंड
06:03 – 07:37
गुलिक काल
09:10 – 10:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0307:05दिन
मंगल07:0508:08दिन
सूर्य08:0809:10दिन
शुक्र09:1010:13दिन
बुध10:1311:15दिन
चंद्र11:1512:18दिन
शनि12:1813:20दिन
गुरु13:2014:23दिन
मंगल14:2315:25दिन
सूर्य15:2516:28दिन
शुक्र16:2817:30दिन
बुध17:3018:33दिन
चंद्र18:3319:30रात
शनि19:3020:28रात
गुरु20:2821:25रात
मंगल21:2522:23रात
सूर्य22:2323:20रात
शुक्र23:2000:18रात
बुध00:1801:15रात
चंद्र01:1502:13रात
शनि02:1303:10रात
गुरु03:1004:08रात
मंगल04:0805:05रात
सूर्य05:0506:02रात

अयनांश 24.2385° (लाहिड़ी)। समय बेंगलुरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।