13 अक्टूबर 2026 को बर्मिंघम का चौघड़िया

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026, बर्मिंघम, यूनाइटेड किंगडम। समय Europe/London में है।

मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बर्मिंघम में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (18:58 तक), नक्षत्र विशाखा (21:13 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:29 पर और सूर्यास्त 18:17 पर है। राहुकाल 15:35 से 16:56 तक है।

दिन और रात
दिन 07:29 – 18:17
रात 07:31 तक
तिथि
तृतीया, 18:58 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा, 21:13 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:29 – 08:50टालें
उद्वेग08:50 – 10:11टालें
चर10:11 – 11:32सामान्य
लाभ11:32 – 12:53शुभ
अमृत12:53 – 14:14शुभ
काल14:14 – 15:35टालें
शुभ15:35 – 16:56शुभ
रोग16:56 – 18:17टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:17 – 19:56टालें
लाभ19:56 – 21:35शुभ
उद्वेग21:35 – 23:15टालें
शुभ23:15 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:33शुभ
चर02:33 – 04:12सामान्य
रोग04:12 – 05:51टालें
काल05:51 – 07:31टालें

13 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 18:58 तक
शुक्ल चतुर्थी 20:43, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 21:13 तक
अनुराधा 23:33, 14 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 15:53 तक
आयुष्मान 16:09, 14 अक्टू॰ तक
करण
गर 18:58 तक
वणिज 07:47, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 14:42 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:29
सूर्यास्त
18:17
चंद्रोदय
11:11
चंद्रास्त
18:44
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:44 – 06:36
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
15:35 – 16:56
यमगंड
10:11 – 11:32
गुलिक काल
12:53 – 14:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:2908:23दिन
सूर्य08:2309:17दिन
शुक्र09:1710:11दिन
बुध10:1111:05दिन
चंद्र11:0511:59दिन
शनि11:5912:53दिन
गुरु12:5313:47दिन
मंगल13:4714:41दिन
सूर्य14:4115:35दिन
शुक्र15:3516:29दिन
बुध16:2917:23दिन
चंद्र17:2318:17दिन
शनि18:1719:23रात
गुरु19:2320:29रात
मंगल20:2921:35रात
सूर्य21:3522:41रात
शुक्र22:4123:48रात
बुध23:4800:54रात
चंद्र00:5402:00रात
शनि02:0003:06रात
गुरु03:0604:12रात
मंगल04:1205:18रात
सूर्य05:1806:25रात
शुक्र06:2507:31रात

अयनांश 24.2312° (लाहिड़ी)। समय बर्मिंघम (Europe/London) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।