7 नवंबर 2029 को बोकारो का चौघड़िया

बुधवार, 7 नवंबर 2029, बोकारो, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 नवंबर 2029 को बोकारो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (06:08 तक), नक्षत्र विशाखा (07:16 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 11:28 से 12:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:03
रात 05:55 तक
तिथि
द्वितीया, 02:37 तक
तृतीया
नक्षत्र
अनुराधा, 04:33 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:54 – 07:18शुभ
अमृत07:18 – 08:41शुभ
काल08:41 – 10:05टालें
शुभ10:05 – 11:28शुभ
रोग11:28 – 12:52टालें
उद्वेग12:52 – 14:16टालें
चर14:16 – 15:39सामान्य
लाभ15:39 – 17:03शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:03 – 18:39टालें
शुभ18:39 – 20:16शुभ
अमृत20:16 – 21:52शुभ
चर21:52 – 23:29सामान्य
रोग23:29 – 01:05टालें
काल01:05 – 02:42टालें
लाभ02:42 – 04:18शुभ
उद्वेग04:18 – 05:55टालें

7 नवंबर 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 06:08 तक
शुक्ल द्वितीया 02:37, 8 नव॰ तक
शुक्ल तृतीया 23:33, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 07:16 तक
अनुराधा 04:33, 8 नव॰ तक
ज्येष्ठा 02:17, 9 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 06:18 तक
शोभन 02:13, 8 नव॰ तक
अतिगंडअशुभ 22:29, 8 नव॰ तक
करण
बव 06:08 तक
बालव 16:20 तक
कौलव 02:37, 8 नव॰ तक
तैतिल 13:01, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
06:59
चंद्रास्त
18:01
दिनमान
11h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 05:03
अभिजीत मुहूर्त
11:06 – 11:51 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:28 – 12:52
यमगंड
07:18 – 08:41
गुलिक काल
10:05 – 11:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5406:50दिन
चंद्र06:5007:46दिन
शनि07:4608:41दिन
गुरु08:4109:37दिन
मंगल09:3710:33दिन
सूर्य10:3311:28दिन
शुक्र11:2812:24दिन
बुध12:2413:20दिन
चंद्र13:2014:16दिन
शनि14:1615:11दिन
गुरु15:1116:07दिन
मंगल16:0717:03दिन
सूर्य17:0318:07रात
शुक्र18:0719:11रात
बुध19:1120:16रात
चंद्र20:1621:20रात
शनि21:2022:24रात
गुरु22:2423:29रात
मंगल23:2900:33रात
सूर्य00:3301:37रात
शुक्र01:3702:42रात
बुध02:4203:46रात
चंद्र03:4604:50रात
शनि04:5005:55रात

अयनांश 24.2740° (लाहिड़ी)। समय बोकारो (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।