16 अप्रैल 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 16 अप्रैल 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 16 अप्रैल 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (10:47 तक), नक्षत्र अनुराधा (03:25, 17 अप्रैल तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 11:33 से 13:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 17:57
रात 05:09 तक
तिथि
तृतीया, 10:47 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 03:25 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:10 – 06:46शुभ
अमृत06:46 – 08:22शुभ
काल08:22 – 09:57टालें
शुभ09:57 – 11:33शुभ
रोग11:33 – 13:09टालें
उद्वेग13:09 – 14:45टालें
चर14:45 – 16:21सामान्य
लाभ16:21 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:57 – 19:21टालें
शुभ19:21 – 20:45शुभ
अमृत20:45 – 22:09शुभ
चर22:09 – 23:33सामान्य
रोग23:33 – 00:57टालें
काल00:57 – 02:21टालें
लाभ02:21 – 03:45शुभ
उद्वेग03:45 – 05:09टालें

16 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 10:47 तक
कृष्ण चतुर्थी 12:53, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
अनुराधा 03:25, 17 अप्रैल तक
ज्येष्ठा 05:51, 18 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 21:48 तक
वरीयान 22:20, 17 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 10:47 तक
बव 23:53 तक
बालव 12:53, 17 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
21:08
चंद्रास्त
06:54
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:40 – 04:25
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:59 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:33 – 13:09
यमगंड
06:46 – 08:22
गुलिक काल
09:57 – 11:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:1006:14दिन
चंद्र06:1407:18दिन
शनि07:1808:22दिन
गुरु08:2209:26दिन
मंगल09:2610:29दिन
सूर्य10:2911:33दिन
शुक्र11:3312:37दिन
बुध12:3713:41दिन
चंद्र13:4114:45दिन
शनि14:4515:49दिन
गुरु15:4916:53दिन
मंगल16:5317:57दिन
सूर्य17:5718:53रात
शुक्र18:5319:49रात
बुध19:4920:45रात
चंद्र20:4521:41रात
शनि21:4122:37रात
गुरु22:3723:33रात
मंगल23:3300:29रात
सूर्य00:2901:25रात
शुक्र01:2502:21रात
बुध02:2103:17रात
चंद्र03:1704:13रात
शनि04:1305:09रात

अयनांश 24.2103° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।