24 सितंबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

बुधवार, 24 सितंबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 24 सितंबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (04:36, 25 सित॰ तक), नक्षत्र चित्रा (13:46 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:23 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 11:25 से 12:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:23 – 17:28
रात 05:23 तक
तिथि
तृतीया, 04:36 तक
नक्षत्र
चित्रा, 13:46 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:23 – 06:53शुभ
अमृत06:53 – 08:24शुभ
काल08:24 – 09:55टालें
शुभ09:55 – 11:25शुभ
रोग11:25 – 12:56टालें
उद्वेग12:56 – 14:26टालें
चर14:26 – 15:57सामान्य
लाभ15:57 – 17:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:28 – 18:57टालें
शुभ18:57 – 20:26शुभ
अमृत20:26 – 21:56शुभ
चर21:56 – 23:25सामान्य
रोग23:25 – 00:55टालें
काल00:55 – 02:24टालें
लाभ02:24 – 03:54शुभ
उद्वेग03:54 – 05:23टालें

24 सितंबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 04:36, 25 सित॰ तक
शुक्ल चतुर्थी 07:03, 26 सित॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 13:46 तक
स्वाति 16:38, 25 सित॰ तक
योग
इंद्र 18:32 तक
वैधृतिअशुभ 19:23, 25 सित॰ तक
करण
तैतिल 15:27 तक
गर 04:36, 25 सित॰ तक
वणिज 17:49, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:23
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
07:25
चंद्रास्त
18:46
दिनमान
12h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:49 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:25 – 12:56
यमगंड
06:53 – 08:24
गुलिक काल
09:55 – 11:25

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2306:23दिन
चंद्र06:2307:24दिन
शनि07:2408:24दिन
गुरु08:2409:24दिन
मंगल09:2410:25दिन
सूर्य10:2511:25दिन
शुक्र11:2512:26दिन
बुध12:2613:26दिन
चंद्र13:2614:26दिन
शनि14:2615:27दिन
गुरु15:2716:27दिन
मंगल16:2717:28दिन
सूर्य17:2818:27रात
शुक्र18:2719:27रात
बुध19:2720:26रात
चंद्र20:2621:26रात
शनि21:2622:26रात
गुरु22:2623:25रात
मंगल23:2500:25रात
सूर्य00:2501:25रात
शुक्र01:2502:24रात
बुध02:2403:24रात
चंद्र03:2404:24रात
शनि04:2405:23रात

अयनांश 24.2165° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।