4 मार्च 2029 को दुर्गापुर का चौघड़िया

रविवार, 4 मार्च 2029, दुर्गापुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 4 मार्च 2029 को दुर्गापुर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (08:28 तक), नक्षत्र चित्रा (07:02 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:45 पर है। राहुकाल 16:17 से 17:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:45
रात 05:59 तक
तिथि
पंचमी, 05:40 तक
नक्षत्र
स्वाति, 04:57 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:00 – 07:28टालें
चर07:28 – 08:56सामान्य
लाभ08:56 – 10:24शुभ
अमृत10:24 – 11:52शुभ
काल11:52 – 13:20टालें
शुभ13:20 – 14:48शुभ
रोग14:48 – 16:17टालें
उद्वेग16:17 – 17:45टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:45 – 19:16शुभ
अमृत19:16 – 20:48शुभ
चर20:48 – 22:20सामान्य
रोग22:20 – 23:52टालें
काल23:52 – 01:23टालें
लाभ01:23 – 02:55शुभ
उद्वेग02:55 – 04:27टालें
शुभ04:27 – 05:59शुभ

4 मार्च 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 08:28 तक
कृष्ण पंचमी 05:40, 5 मार्च तक
कृष्ण षष्ठी 03:26, 6 मार्च तक
नक्षत्र
चित्रा 07:02 तक
स्वाति 04:57, 5 मार्च तक
विशाखा 03:25, 6 मार्च तक
योग
वृद्धि 07:49 तक
ध्रुव 04:19, 5 मार्च तक
व्याघातअशुभ 01:17, 6 मार्च तक
करण
बालव 08:28 तक
कौलव 19:00 तक
तैतिल 05:40, 5 मार्च तक
गर 16:28, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:45
चंद्रोदय
21:49
चंद्रास्त
08:12
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
16:17 – 17:45
यमगंड
11:52 – 13:20
गुलिक काल
14:48 – 16:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0006:58दिन
शुक्र06:5807:57दिन
बुध07:5708:56दिन
चंद्र08:5609:55दिन
शनि09:5510:53दिन
गुरु10:5311:52दिन
मंगल11:5212:51दिन
सूर्य12:5113:50दिन
शुक्र13:5014:48दिन
बुध14:4815:47दिन
चंद्र15:4716:46दिन
शनि16:4617:45दिन
गुरु17:4518:46रात
मंगल18:4619:47रात
सूर्य19:4720:48रात
शुक्र20:4821:49रात
बुध21:4922:50रात
चंद्र22:5023:52रात
शनि23:5200:53रात
गुरु00:5301:54रात
मंगल01:5402:55रात
सूर्य02:5503:56रात
शुक्र03:5604:57रात
बुध04:5705:59रात

अयनांश 24.2646° (लाहिड़ी)। समय दुर्गापुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।