6 अप्रैल 2026 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 6 अप्रैल 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (14:11 तक), नक्षत्र अनुराधा (02:56, 7 अप्रैल तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:42 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 08:16 से 09:49 तक है।

दिन और रात
दिन 06:42 – 19:10
रात 06:41 तक
तिथि
चतुर्थी, 14:11 तक
पंचमी
नक्षत्र
अनुराधा, 02:56 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:42 – 08:16शुभ
काल08:16 – 09:49टालें
शुभ09:49 – 11:23शुभ
रोग11:23 – 12:56टालें
उद्वेग12:56 – 14:30टालें
चर14:30 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:37शुभ
अमृत17:37 – 19:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:10 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 22:03टालें
काल22:03 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 00:56शुभ
उद्वेग00:56 – 02:22टालें
शुभ02:22 – 03:48शुभ
अमृत03:48 – 05:15शुभ
चर05:15 – 06:41सामान्य

6 अप्रैल 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 14:11 तक
कृष्ण पंचमी 16:35, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:56, 7 अप्रैल तक
ज्येष्ठा 05:54, 8 अप्रैल तक
योग
सिद्धि 15:25 तक
व्यतीपातअशुभ 16:16, 7 अप्रैल तक
करण
बालव 14:11 तक
कौलव 03:21, 7 अप्रैल तक
तैतिल 16:35, 7 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:42
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
23:08
चंद्रास्त
09:05
दिनमान
12h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 05:56
अभिजीत मुहूर्त
12:31 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:16 – 09:49
यमगंड
11:23 – 12:56
गुलिक काल
14:30 – 16:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4207:44दिन
शनि07:4408:47दिन
गुरु08:4709:49दिन
मंगल09:4910:51दिन
सूर्य10:5111:54दिन
शुक्र11:5412:56दिन
बुध12:5613:59दिन
चंद्र13:5915:01दिन
शनि15:0116:03दिन
गुरु16:0317:06दिन
मंगल17:0618:08दिन
सूर्य18:0819:10दिन
शुक्र19:1020:08रात
बुध20:0821:06रात
चंद्र21:0622:03रात
शनि22:0323:01रात
गुरु23:0123:58रात
मंगल23:5800:56रात
सूर्य00:5601:53रात
शुक्र01:5302:51रात
बुध02:5103:48रात
चंद्र03:4804:46रात
शनि04:4605:44रात
गुरु05:4406:41रात

अयनांश 24.2239° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।