5 अप्रैल 2026 को द्वारका का चौघड़िया

रविवार, 5 अप्रैल 2026, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 अप्रैल 2026 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (12:00 तक), नक्षत्र विशाखा (00:08, 6 अप्रैल तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 17:37 से 19:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 19:10
रात 06:42 तक
तिथि
तृतीया, 12:00 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा, 00:08 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:43 – 08:16टालें
चर08:16 – 09:50सामान्य
लाभ09:50 – 11:23शुभ
अमृत11:23 – 12:57शुभ
काल12:57 – 14:30टालें
शुभ14:30 – 16:03शुभ
रोग16:03 – 17:37टालें
उद्वेग17:37 – 19:10टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:10 – 20:37शुभ
अमृत20:37 – 22:03शुभ
चर22:03 – 23:30सामान्य
रोग23:30 – 00:56टालें
काल00:56 – 02:23टालें
लाभ02:23 – 03:49शुभ
उद्वेग03:49 – 05:16टालें
शुभ05:16 – 06:42शुभ

5 अप्रैल 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 12:00 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:11, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 00:08, 6 अप्रैल तक
अनुराधा 02:56, 7 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 14:43 तक
सिद्धि 15:25, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:00 तक
बव 01:03, 6 अप्रैल तक
बालव 14:11, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 17:28 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
22:13
चंद्रास्त
08:24
दिनमान
12h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
17:37 – 19:10
यमगंड
12:57 – 14:30
गुलिक काल
16:03 – 17:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4307:45दिन
शुक्र07:4508:47दिन
बुध08:4709:50दिन
चंद्र09:5010:52दिन
शनि10:5211:54दिन
गुरु11:5412:57दिन
मंगल12:5713:59दिन
सूर्य13:5915:01दिन
शुक्र15:0116:03दिन
बुध16:0317:06दिन
चंद्र17:0618:08दिन
शनि18:0819:10दिन
गुरु19:1020:08रात
मंगल20:0821:05रात
सूर्य21:0522:03रात
शुक्र22:0323:01रात
बुध23:0123:58रात
चंद्र23:5800:56रात
शनि00:5601:54रात
गुरु01:5402:51रात
मंगल02:5103:49रात
सूर्य03:4904:47रात
शुक्र04:4705:44रात
बुध05:4406:42रात

अयनांश 24.2239° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।