11 अप्रैल 2028 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 11 अप्रैल 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 11 अप्रैल 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (10:29 तक), नक्षत्र स्वाति (07:49 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 19:12 पर है। राहुकाल 16:04 से 17:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 19:12
रात 06:36 तक
तिथि
द्वितीया, 10:29 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 06:36 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:37 – 08:11टालें
उद्वेग08:11 – 09:46टालें
चर09:46 – 11:20सामान्य
लाभ11:20 – 12:55शुभ
अमृत12:55 – 14:29शुभ
काल14:29 – 16:04टालें
शुभ16:04 – 17:38शुभ
रोग17:38 – 19:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:12 – 20:38टालें
लाभ20:38 – 22:03शुभ
उद्वेग22:03 – 23:29टालें
शुभ23:29 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:20शुभ
चर02:20 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:11टालें
काल05:11 – 06:36टालें

11 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 10:29 तक
कृष्ण तृतीया 08:36, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
स्वाति 07:49 तक
विशाखा 06:36, 12 अप्रैल तक
अनुराधा 06:08, 13 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 11:48 तक
सिद्धि 09:12, 12 अप्रैल तक
करण
गर 10:29 तक
वणिज 21:27 तक
विष्टि (भद्रा) 08:36, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 00:50, 12 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
19:12
चंद्रोदय
21:27
चंद्रास्त
07:39
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:06 – 05:51
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
16:04 – 17:38
यमगंड
09:46 – 11:20
गुलिक काल
12:55 – 14:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3707:40दिन
सूर्य07:4008:43दिन
शुक्र08:4309:46दिन
बुध09:4610:49दिन
चंद्र10:4911:52दिन
शनि11:5212:55दिन
गुरु12:5513:58दिन
मंगल13:5815:01दिन
सूर्य15:0116:04दिन
शुक्र16:0417:07दिन
बुध17:0718:09दिन
चंद्र18:0919:12दिन
शनि19:1220:09रात
गुरु20:0921:06रात
मंगल21:0622:03रात
सूर्य22:0323:00रात
शुक्र23:0023:57रात
बुध23:5700:54रात
चंद्र00:5401:51रात
शनि01:5102:48रात
गुरु02:4803:45रात
मंगल03:4504:42रात
सूर्य04:4205:39रात
शुक्र05:3906:36रात

अयनांश 24.2521° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।