3 दिसंबर 2029 को ईरोड का चौघड़िया

सोमवार, 3 दिसंबर 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 दिसंबर 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (06:41 तक), नक्षत्र स्वाति (21:18 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 17:53 पर है। राहुकाल 07:50 से 09:16 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 17:53
रात 06:24 तक
तिथि
त्रयोदशी, 03:16 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
स्वाति, 21:18 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:23 – 07:50शुभ
काल07:50 – 09:16टालें
शुभ09:16 – 10:42शुभ
रोग10:42 – 12:08टालें
उद्वेग12:08 – 13:35टालें
चर13:35 – 15:01सामान्य
लाभ15:01 – 16:27शुभ
अमृत16:27 – 17:53शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:53 – 19:27सामान्य
रोग19:27 – 21:01टालें
काल21:01 – 22:35टालें
लाभ22:35 – 00:09शुभ
उद्वेग00:09 – 01:42टालें
शुभ01:42 – 03:16शुभ
अमृत03:16 – 04:50शुभ
चर04:50 – 06:24सामान्य

3 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 06:41 तक
कृष्ण त्रयोदशी 03:16, 4 दिस॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 23:47, 4 दिस॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 21:18 तक
विशाखा 18:34, 4 दिस॰ तक
योग
शोभन 20:05 तक
अतिगंडअशुभ 15:59, 4 दिस॰ तक
करण
तैतिल 06:41 तक
गर 17:00 तक
वणिज 03:16, 4 दिस॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:31, 4 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
17:53
चंद्रोदय
03:43
चंद्रास्त
15:41
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:45 – 12:31

अशुभ समय

राहुकाल
07:50 – 09:16
यमगंड
10:42 – 12:08
गुलिक काल
13:35 – 15:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:2307:21दिन
शनि07:2108:18दिन
गुरु08:1809:16दिन
मंगल09:1610:13दिन
सूर्य10:1311:11दिन
शुक्र11:1112:08दिन
बुध12:0813:06दिन
चंद्र13:0614:03दिन
शनि14:0315:01दिन
गुरु15:0115:58दिन
मंगल15:5816:56दिन
सूर्य16:5617:53दिन
शुक्र17:5318:56रात
बुध18:5619:58रात
चंद्र19:5821:01रात
शनि21:0122:04रात
गुरु22:0423:06रात
मंगल23:0600:09रात
सूर्य00:0901:11रात
शुक्र01:1102:14रात
बुध02:1403:16रात
चंद्र03:1604:19रात
शनि04:1905:21रात
गुरु05:2106:24रात

अयनांश 24.2750° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।