4 दिसंबर 2029 को ईरोड का चौघड़िया

मंगलवार, 4 दिसंबर 2029, ईरोड, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 4 दिसंबर 2029 को ईरोड में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (23:47 तक), नक्षत्र विशाखा (18:33 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 15:01 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 17:54
रात 06:24 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:47 तक
अमावस्या
नक्षत्र
विशाखा, 18:33 तक
अनुराधा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:24 – 07:50टालें
उद्वेग07:50 – 09:16टालें
चर09:16 – 10:43सामान्य
लाभ10:43 – 12:09शुभ
अमृत12:09 – 13:35शुभ
काल13:35 – 15:01टालें
शुभ15:01 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:54 – 19:28टालें
लाभ19:28 – 21:01शुभ
उद्वेग21:01 – 22:35टालें
शुभ22:35 – 00:09शुभ
अमृत00:09 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:17सामान्य
रोग03:17 – 04:51टालें
काल04:51 – 06:24टालें

4 दिसंबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 23:47 तक
अमावस्या 20:22, 5 दिस॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 18:33 तक
अनुराधा 15:51, 5 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 15:59 तक
सुकर्मा 11:55, 5 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 13:31 तक
शकुनि 23:47 तक
चतुष्पद 10:03, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
तुला 13:15 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
04:47
चंद्रास्त
16:39
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
15:01 – 16:27
यमगंड
09:16 – 10:43
गुलिक काल
12:09 – 13:35

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2407:21दिन
सूर्य07:2108:19दिन
शुक्र08:1909:16दिन
बुध09:1610:14दिन
चंद्र10:1411:11दिन
शनि11:1112:09दिन
गुरु12:0913:06दिन
मंगल13:0614:04दिन
सूर्य14:0415:01दिन
शुक्र15:0115:59दिन
बुध15:5916:56दिन
चंद्र16:5617:54दिन
शनि17:5418:56रात
गुरु18:5619:59रात
मंगल19:5921:01रात
सूर्य21:0122:04रात
शुक्र22:0423:06रात
बुध23:0600:09रात
चंद्र00:0901:12रात
शनि01:1202:14रात
गुरु02:1403:17रात
मंगल03:1704:19रात
सूर्य04:1905:22रात
शुक्र05:2206:24रात

अयनांश 24.2751° (लाहिड़ी)। समय ईरोड (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।