8 अक्टूबर 2029 को इम्फाल का चौघड़िया

सोमवार, 8 अक्टूबर 2029, इम्फाल, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 8 अक्टूबर 2029 को इम्फाल में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (20:55 तक), नक्षत्र हस्त (05:09 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 16:54 पर है। राहुकाल 06:37 से 08:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 16:54
रात 05:09 तक
तिथि
प्रतिपदा, 20:55 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 02:07 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:09 – 06:37शुभ
काल06:37 – 08:05टालें
शुभ08:05 – 09:33शुभ
रोग09:33 – 11:01टालें
उद्वेग11:01 – 12:29टालें
चर12:29 – 13:57सामान्य
लाभ13:57 – 15:25शुभ
अमृत15:25 – 16:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:54 – 18:25सामान्य
रोग18:25 – 19:57टालें
काल19:57 – 21:29टालें
लाभ21:29 – 23:01शुभ
उद्वेग23:01 – 00:33टालें
शुभ00:33 – 02:05शुभ
अमृत02:05 – 03:37शुभ
चर03:37 – 05:09सामान्य

8 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 20:55 तक
शुक्ल द्वितीया 17:10, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 05:09 तक
चित्रा 02:07, 9 अक्टू॰ तक
स्वाति 23:13, 9 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 09:02 तक
वैधृतिअशुभ 04:44, 9 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 00:33, 10 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 10:50 तक
बव 20:55 तक
बालव 07:02, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 15:38 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
16:54
चंद्रोदय
05:26
चंद्रास्त
17:04
दिनमान
11h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:31 – 04:20
अभिजीत मुहूर्त
10:38 – 11:25

अशुभ समय

राहुकाल
06:37 – 08:05
यमगंड
09:33 – 11:01
गुलिक काल
12:29 – 13:57

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:0906:07दिन
शनि06:0707:06दिन
गुरु07:0608:05दिन
मंगल08:0509:04दिन
सूर्य09:0410:02दिन
शुक्र10:0211:01दिन
बुध11:0112:00दिन
चंद्र12:0012:59दिन
शनि12:5913:57दिन
गुरु13:5714:56दिन
मंगल14:5615:55दिन
सूर्य15:5516:54दिन
शुक्र16:5417:55रात
बुध17:5518:56रात
चंद्र18:5619:57रात
शनि19:5720:59रात
गुरु20:5922:00रात
मंगल22:0023:01रात
सूर्य23:0100:03रात
शुक्र00:0301:04रात
बुध01:0402:05रात
चंद्र02:0503:06रात
शनि03:0604:08रात
गुरु04:0805:09रात

अयनांश 24.2729° (लाहिड़ी)। समय इम्फाल (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।