5 अक्टूबर 2081 को कोलकाता का चौघड़िया

रविवार, 5 अक्टूबर 2081, कोलकाता, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 अक्टूबर 2081 को कोलकाता में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (13:18 तक), नक्षत्र स्वाति (07:02 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:19 पर है। राहुकाल 15:51 से 17:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:19
रात 05:29 तक
तिथि
तृतीया, 13:18 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा, 05:24 तक
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अक्टूबर 2081 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:29 – 06:58टालें
चर06:58 – 08:27सामान्य
लाभ08:27 – 09:55शुभ
अमृत09:55 – 11:24शुभ
काल11:24 – 12:53टालें
शुभ12:53 – 14:22शुभ
रोग14:22 – 15:51टालें
उद्वेग15:51 – 17:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:19 – 18:51शुभ
अमृत18:51 – 20:22शुभ
चर20:22 – 21:53सामान्य
रोग21:53 – 23:24टालें
काल23:24 – 00:56टालें
लाभ00:56 – 02:27शुभ
उद्वेग02:27 – 03:58टालें
शुभ03:58 – 05:29शुभ

5 अक्टूबर 2081 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 13:18 तक
शुक्ल चतुर्थी 11:05, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 07:02 तक
विशाखा 05:24, 6 अक्टू॰ तक
अनुराधा 04:27, 7 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 16:06 तक
प्रीति 13:14, 6 अक्टू॰ तक
करण
गर 13:18 तक
वणिज 00:06, 6 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 11:05, 6 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
तुला 23:45 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:19
चंद्रोदय
08:02
चंद्रास्त
19:09
दिनमान
11h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2138
शक संवत
2003, प्लव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:48

अशुभ समय

राहुकाल
15:51 – 17:19
यमगंड
11:24 – 12:53
गुलिक काल
14:22 – 15:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2906:28दिन
शुक्र06:2807:27दिन
बुध07:2708:27दिन
चंद्र08:2709:26दिन
शनि09:2610:25दिन
गुरु10:2511:24दिन
मंगल11:2412:23दिन
सूर्य12:2313:23दिन
शुक्र13:2314:22दिन
बुध14:2215:21दिन
चंद्र15:2116:20दिन
शनि16:2017:19दिन
गुरु17:1918:20रात
मंगल18:2019:21रात
सूर्य19:2120:22रात
शुक्र20:2221:23रात
बुध21:2322:24रात
चंद्र22:2423:24रात
शनि23:2400:25रात
गुरु00:2501:26रात
मंगल01:2602:27रात
सूर्य02:2703:28रात
शुक्र03:2804:29रात
बुध04:2905:29रात

अयनांश 24.9993° (लाहिड़ी)। समय कोलकाता (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।