6 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शुक्रवार, 6 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 6 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (04:48, 7 जून तक), नक्षत्र हस्त (06:33 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 10:21 से 12:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:58
रात 05:11 तक
तिथि
एकादशी, 04:48 तक
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:11 – 06:55सामान्य
लाभ06:55 – 08:38शुभ
अमृत08:38 – 10:21शुभ
काल10:21 – 12:04टालें
शुभ12:04 – 13:48शुभ
रोग13:48 – 15:31टालें
उद्वेग15:31 – 17:14टालें
चर17:14 – 18:58सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:58 – 20:14टालें
काल20:14 – 21:31टालें
लाभ21:31 – 22:48शुभ
उद्वेग22:48 – 00:04टालें
शुभ00:04 – 01:21शुभ
अमृत01:21 – 02:38शुभ
चर02:38 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:11टालें

6 जून 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 04:48, 7 जून तक
शुक्ल द्वादशी 07:18, 8 जून तक
नक्षत्र
हस्त 06:33 तक
चित्रा 09:39, 7 जून तक
योग
व्यतीपातअशुभ 10:12 तक
वरीयान 11:17, 7 जून तक
करण
वणिज 15:32 तक
विष्टि (भद्रा) 04:48, 7 जून तक
बव 18:04, 7 जून तक
चंद्र राशि
कन्या 20:06 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
14:44
चंद्रास्त
01:45
दिनमान
13h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:21 – 12:04
यमगंड
15:31 – 17:14
गुलिक काल
06:55 – 08:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1106:20दिन
बुध06:2007:29दिन
चंद्र07:2908:38दिन
शनि08:3809:47दिन
गुरु09:4710:56दिन
मंगल10:5612:04दिन
सूर्य12:0413:13दिन
शुक्र13:1314:22दिन
बुध14:2215:31दिन
चंद्र15:3116:40दिन
शनि16:4017:49दिन
गुरु17:4918:58दिन
मंगल18:5819:49रात
सूर्य19:4920:40रात
शुक्र20:4021:31रात
बुध21:3122:22रात
चंद्र22:2223:13रात
शनि23:1300:04रात
गुरु00:0400:56रात
मंगल00:5601:47रात
सूर्य01:4702:38रात
शुक्र02:3803:29रात
बुध03:2904:20रात
चंद्र04:2005:11रात

अयनांश 24.2123° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।