7 जून 2025 को लखनऊ का चौघड़िया

शनिवार, 7 जून 2025, लखनऊ, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 जून 2025 को लखनऊ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (07:18, 8 जून तक), नक्षत्र चित्रा (09:39 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:58 पर है। राहुकाल 08:38 से 10:21 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:58
रात 05:11 तक
तिथि
द्वादशी
नक्षत्र
चित्रा, 09:39 तक
स्वाति
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जून 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:11 – 06:55टालें
शुभ06:55 – 08:38शुभ
रोग08:38 – 10:21टालें
उद्वेग10:21 – 12:05टालें
चर12:05 – 13:48सामान्य
लाभ13:48 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 17:15शुभ
काल17:15 – 18:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:58 – 20:15शुभ
उद्वेग20:15 – 21:31टालें
शुभ21:31 – 22:48शुभ
अमृत22:48 – 00:05शुभ
चर00:05 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:38टालें
काल02:38 – 03:55टालें
लाभ03:55 – 05:11शुभ

7 जून 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 07:18, 8 जून तक
नक्षत्र
चित्रा 09:39 तक
स्वाति 12:42, 8 जून तक
योग
वरीयान 11:17 तक
परिघअशुभ 12:17, 8 जून तक
करण
बव 18:04 तक
बालव 07:18, 8 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:58
चंद्रोदय
15:37
चंद्रास्त
02:13
दिनमान
13h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:30
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:38 – 10:21
यमगंड
13:48 – 15:31
गुलिक काल
05:11 – 06:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1106:20दिन
गुरु06:2007:29दिन
मंगल07:2908:38दिन
सूर्य08:3809:47दिन
शुक्र09:4710:56दिन
बुध10:5612:05दिन
चंद्र12:0513:14दिन
शनि13:1414:22दिन
गुरु14:2215:31दिन
मंगल15:3116:40दिन
सूर्य16:4017:49दिन
शुक्र17:4918:58दिन
बुध18:5819:49रात
चंद्र19:4920:40रात
शनि20:4021:31रात
गुरु21:3122:22रात
मंगल22:2223:14रात
सूर्य23:1400:05रात
शुक्र00:0500:56रात
बुध00:5601:47रात
चंद्र01:4702:38रात
शनि02:3803:29रात
गुरु03:2904:20रात
मंगल04:2005:11रात

अयनांश 24.2123° (लाहिड़ी)। समय लखनऊ (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।