16 मार्च 2028 को मैसूरु का चौघड़िया

गुरुवार, 16 मार्च 2028, मैसूरु, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 16 मार्च 2028 को मैसूरु में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (16:12 तक), नक्षत्र अनुराधा (20:54 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 14:02 से 15:33 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:34
रात 06:29 तक
तिथि
षष्ठी, 16:12 तक
सप्तमी
नक्षत्र
अनुराधा, 20:54 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:30 – 08:00शुभ
रोग08:00 – 09:31टालें
उद्वेग09:31 – 11:01टालें
चर11:01 – 12:32सामान्य
लाभ12:32 – 14:02शुभ
अमृत14:02 – 15:33शुभ
काल15:33 – 17:03टालें
शुभ17:03 – 18:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:34 – 20:03शुभ
चर20:03 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:31टालें
लाभ00:31 – 02:01शुभ
उद्वेग02:01 – 03:30टालें
शुभ03:30 – 04:59शुभ
अमृत04:59 – 06:29शुभ

16 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 16:12 तक
कृष्ण सप्तमी 16:26, 17 मार्च तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 21:55, 17 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 22:39 तक
सिद्धि 21:53, 17 मार्च तक
करण
वणिज 16:12 तक
विष्टि (भद्रा) 04:13, 17 मार्च तक
बव 16:26, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
23:51
चंद्रास्त
10:31
दिनमान
12h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
12:07 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:02 – 15:33
यमगंड
06:30 – 08:00
गुलिक काल
09:31 – 11:01

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3007:30दिन
मंगल07:3008:30दिन
सूर्य08:3009:31दिन
शुक्र09:3110:31दिन
बुध10:3111:31दिन
चंद्र11:3112:32दिन
शनि12:3213:32दिन
गुरु13:3214:32दिन
मंगल14:3215:33दिन
सूर्य15:3316:33दिन
शुक्र16:3317:33दिन
बुध17:3318:34दिन
चंद्र18:3419:33रात
शनि19:3320:33रात
गुरु20:3321:32रात
मंगल21:3222:32रात
सूर्य22:3223:32रात
शुक्र23:3200:31रात
बुध00:3101:31रात
चंद्र01:3102:30रात
शनि02:3003:30रात
गुरु03:3004:30रात
मंगल04:3005:29रात
सूर्य05:2906:29रात

अयनांश 24.2511° (लाहिड़ी)। समय मैसूरु (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।