4 अक्टूबर 2029 को नेल्लोर का चौघड़िया

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029, नेल्लोर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 4 अक्टूबर 2029 को नेल्लोर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (13:02 तक), नक्षत्र आश्लेषा (14:35 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:59 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 13:28 से 14:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:59 – 17:57
रात 05:59 तक
तिथि
एकादशी, 13:02 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 14:35 तक
मघा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:59 – 07:29शुभ
रोग07:29 – 08:59टालें
उद्वेग08:59 – 10:28टालें
चर10:28 – 11:58सामान्य
लाभ11:58 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 14:58शुभ
काल14:58 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:57 – 19:27शुभ
चर19:27 – 20:58सामान्य
रोग20:58 – 22:28टालें
काल22:28 – 23:58टालें
लाभ23:58 – 01:29शुभ
उद्वेग01:29 – 02:59टालें
शुभ02:59 – 04:29शुभ
अमृत04:29 – 05:59शुभ

4 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 13:02 तक
कृष्ण द्वादशी 10:46, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा 13:00, 5 अक्टू॰ तक
योग
साध्य 00:23, 5 अक्टू॰ तक
शुभ 21:07, 5 अक्टू॰ तक
करण
बालव 13:02 तक
कौलव 23:59 तक
तैतिल 10:46, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 14:35 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:59
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
02:20
चंद्रास्त
15:07
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 14:58
यमगंड
05:59 – 07:29
गुलिक काल
08:59 – 10:28

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5906:59दिन
मंगल06:5907:59दिन
सूर्य07:5908:59दिन
शुक्र08:5909:59दिन
बुध09:5910:58दिन
चंद्र10:5811:58दिन
शनि11:5812:58दिन
गुरु12:5813:58दिन
मंगल13:5814:58दिन
सूर्य14:5815:57दिन
शुक्र15:5716:57दिन
बुध16:5717:57दिन
चंद्र17:5718:57रात
शनि18:5719:57रात
गुरु19:5720:58रात
मंगल20:5821:58रात
सूर्य21:5822:58रात
शुक्र22:5823:58रात
बुध23:5800:58रात
चंद्र00:5801:59रात
शनि01:5902:59रात
गुरु02:5903:59रात
मंगल03:5904:59रात
सूर्य04:5905:59रात

अयनांश 24.2727° (लाहिड़ी)। समय नेल्लोर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।