7 जून 2000 को नई दिल्ली का चौघड़िया

बुधवार, 7 जून 2000, नई दिल्ली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 7 जून 2000 को नई दिल्ली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (23:11 तक), नक्षत्र आश्लेषा (13:57 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:17 पर है। राहुकाल 12:20 से 14:04 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 19:17
रात 05:22 तक
तिथि
षष्ठी, 23:11 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 13:57 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जून 2000 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:22 – 07:07शुभ
अमृत07:07 – 08:51शुभ
काल08:51 – 10:35टालें
शुभ10:35 – 12:20शुभ
रोग12:20 – 14:04टालें
उद्वेग14:04 – 15:48टालें
चर15:48 – 17:33सामान्य
लाभ17:33 – 19:17शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग19:17 – 20:33टालें
शुभ20:33 – 21:48शुभ
अमृत21:48 – 23:04शुभ
चर23:04 – 00:20सामान्य
रोग00:20 – 01:35टालें
काल01:35 – 02:51टालें
लाभ02:51 – 04:07शुभ
उद्वेग04:07 – 05:22टालें

7 जून 2000 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 23:11 तक
शुक्ल सप्तमी 21:34, 8 जून तक
नक्षत्र
मघा 12:53, 8 जून तक
योग
व्याघातअशुभ 14:26 तक
हर्षण 11:53, 8 जून तक
करण
कौलव 12:12 तक
तैतिल 23:11 तक
गर 10:18, 8 जून तक
चंद्र राशि
कर्क 13:57 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:17
चंद्रोदय
10:20
चंद्रास्त
23:58
दिनमान
13h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2057
शक संवत
1922, विक्रम संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:02 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:47 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:20 – 14:04
यमगंड
07:07 – 08:51
गुलिक काल
10:35 – 12:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2206:32दिन
चंद्र06:3207:41दिन
शनि07:4108:51दिन
गुरु08:5110:01दिन
मंगल10:0111:10दिन
सूर्य11:1012:20दिन
शुक्र12:2013:29दिन
बुध13:2914:39दिन
चंद्र14:3915:48दिन
शनि15:4816:58दिन
गुरु16:5818:07दिन
मंगल18:0719:17दिन
सूर्य19:1720:07रात
शुक्र20:0720:58रात
बुध20:5821:48रात
चंद्र21:4822:39रात
शनि22:3923:29रात
गुरु23:2900:20रात
मंगल00:2001:10रात
सूर्य01:1002:00रात
शुक्र02:0002:51रात
बुध02:5103:41रात
चंद्र03:4104:32रात
शनि04:3205:22रात

अयनांश 23.8631° (लाहिड़ी)। समय नई दिल्ली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।